पाकिस्तान में ईशनिंदा की सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के आरोप में एक ईसाई को अदालत ने मौत की सजा सुनाई गई। इस पोस्ट के कारण हुए दंगों में कई घर और दर्जनों चर्च में आग लगा दी गई थी।
पाकिस्तान में पिछले दिनों ईशनिंदा की घटनाओं के बाद हिंसा हुई है। इसी बीच पाकिस्तान अदालत ने अगस्त 2023 दो ईसाई व्यक्ति ने कुरान का अपमान किया था। इसके बाद पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर से लगभग 130 किलोमीटर दूर फैसलाबाद जिले के जरानवाला तहसील में गुस्साई भीड़ ने ईसाइयों पर हमला कर दिया। भीड़ ने वहां के 24 चर्च और 80 से अधिक घरों में आग लगा दी।
पाकिस्तान में ईशनिंदा कानूनों के तहत, इस्लाम या इस्लामी धार्मिक हस्तियों का अपमान करने का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मौत की सजा दी जा सकती है। देश में ईशनिंदा के ज़्यादातर मामले मुख्य रूप से शिकायतकर्ता और आरोपी पक्षों के बीच दुश्मनी को दूर करने के लिए दर्ज किए जाते हैं। ईसाई और हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर अक्सर ईशनिंदा के आरोप लगते रहे हैं। पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा 2021 में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में 96.47 प्रतिशत मुसलमान हैं, इसके बाद 2.14 प्रतिशत हिंदू, 1.27 प्रतिशत ईसाई, 0.09 प्रतिशत अहमदिया मुसलमान और 0.02 प्रतिशत अन्य हैं।
टिकटॉक पर शेयर की थी ईशनिंदा की पोस्ट
विशेष न्यायाधीश मसीह ने कथित तौर पर टिकटॉक पर "ईशनिंदा वाली फोटो या वीडियो शेयर की थी। जिससे मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंची थी। उसके खिलाफ एक पुलिस अधिकारी की शिकायत पर पीपीसी, एटीए और पीईसीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
हिंसा में शामिल 200 मुसलमानों में से 188 रिहा
2023 में ईशनिंदा के कारण हुई हिंसा में पुलिस ने 200 से अधिक मुसलमानों को गिरफ्तार किया था। लेकिन उनमें से एक पर ही दोष साबित नहीं हो सका है। यही नहीं इनमें से 188 को तो अदालत ने जमानत पर रिहा भी कर दिया है। ऑल माइनॉरिटीज अलायंस के अध्यक्ष अकमल भट्टी ने कहा कि करीब एक साल बीत जाने के बावजूद जरानवाला में दर्जनों चर्चों और ईसाइयों के घरों को जलाने के आरोपियों (मुसलमानों) के खिलाफ अभी तक एक भी सजा नहीं हुई है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, "मुश्किल से 12 मुस्लिम आरोपी वर्तमान में मुकदमे का सामना कर रहे हैं, जबकि बाकी को या तो मामले से बरी कर दिया गया है या जमानत पर रिहा कर दिया गया है।" पाकिस्तान सरकार ने इस घटना के बाद बड़े-बड़े दावे किए थे और कहा था कि चर्च और ईसाई घरों को जलाने में शामिल एक भी संदिग्ध को बख्शा नहीं जाएगा।
आरोपी को मौत की सजा
वहीं इस मामले पर सुनवाई करते हुए आतंकवाद निरोधक अदालत के विशेष न्यायाधीश (साहिवाल) जिया उल्लाह खान ने शनिवार को अहसान राजा मसीह को मौत की सजा सुनाई। उस पर दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही उसे पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी), आतंकवाद निरोधक अधिनियम (एटीए) और इलेक्ट्रॉनिक अपराध रोकथाम अधिनियम (पीईसीए) की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 22 साल की कैद की सजा सुनाई गई।