पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पर सिंध प्रांत में स्थानीय चुनावों में हेरफेर का आरोप लगाया। खान ने कहा कि चुनावों के संबंध में हालिया रिपोर्टों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पीपीपी की निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के लिए कोई प्रतिबद्धता नहीं है।
सिंध के 16 जिलों में रविवार को स्थानीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान हुआ। सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) प्रमुख सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसके अलावा यह कराची में सबसे अधिक सीटें हथिया चुकी है तो हैदराबाद डिवीजन में प्रचंड बहुमत हासिल कर रही है।
पीपीपी वोट पाने के लिए बल और धन का उपयोग करती है: खान
बुधवार को ट्वीट्स की एक श्रृंखला में खान ने कहा कि पारदर्शी चुनाव कराने के बजाय, पीपीपी वोट पाने के लिए बल, ब्लैकमेल, पुलिस उत्पीड़न और धन का उपयोग करती है। उन्होंने चुनाव परिणामों में असामान्य देरी पर सवाल उठाया और कुप्रबंधन के लिए पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) को दोषी ठहराया।
आयोग ने कहा कि चुनावों के नतीजों में कोई देरी नहीं
ईसीपी की प्रवक्ता कुरतुल ऐन फातिमा ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि नतीजों में देरी के आरोप भी निराधार हैं। आयोग ने कहा कि चुनावों के नतीजों में कोई देरी नहीं हुई है। 2015 के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों को संकलित करने में तीन दिन लग गए।