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घाटी को दहलाने के लिए पाक का नया प्लान, बना रहा नया आतंकी संगठन!

Sat, 20 May 2017 09:49 AM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
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कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकियों में दिख रही फूट से भारतीय खुफिया एजेंसियों को शक है कि सीमा पार से पाकिस्तान किसी नए आतंकी संगठन की नींव रख रहा है। कहा जा रहा है कि पाक अपनी उस खतरनाक रणनीति पर दोबारा लौटता नजर आ रहा है जो उसने 1990 के वक्त में शुरू की थी।
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बुरहान बानी की मौत के बाद उसका उत्तराधिकारी कहा जाने वाला पूर्व हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर जाकिर मूसा इस नए आतंकी संगठन का चेहरा बताया जा रहा है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक पिछले दो हफ्तों में मूसा द्वारा जारी ऑडियो संदेश इस ओर इशारा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर मूसा की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक खुफिया सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्तान 1990 वाली रणनीति को दोबारा घाटी में लागू करने जा रहा है। उस वक्त घाटी में इकलौता आतंकी संगठन जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट मौजूद था। पाक की रणनीति की वजह से ही 1993-94 के वक्त तक घाटी में कई आतंकी संगठन पैदा हो गए।
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मूसा का फोकस कश्मीर के युवाओं पर

- फोटो : Demo Photo
एक अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान घाटी में एक नए संगठन को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। मूसा का पूरा फोकस कश्मीर के युवा हैं इस वजह से वो अपने संदेशों के जरिए कश्मीर की आजादी की बात कर रहा है। इसके साथ ही वो अलगाववादियों, हिज्बुल और पाकिस्तान के विरोध में भी बोल रहा है।

3-4 मई को नकाबपोश आतंकियों की 9 फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिसमें आईएसआईएस के जैसा ही काले रंग का झंडा दिखाई दे रहा है। इस पर इस्लामिक कलमा लिखा हुआ है, साथ ही इसके ऊपर AK- 47 की तस्वीर भी छपी हुई है। खुफिया एजेंसियों को लगता है कि ऐसा करके स्थानीय आतंकी संगठन आईएसआईएस से खुद को अलग दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा और पीओके आधारित हिजबुल के सुप्रीम कमांडर सलाहुद्दीन ने 10 और 12 मई को इसकी कड़ी निंदा की थी। उन्होंने बयान के जरिए कहा कि उनका आईआईएस से कोई संबंध नहीं है, ऐसे में युवा इससे प्रभावित न हों।
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कोई बीच में आएगा तो सिर काटकर लाल चौक पर टांग देंगे

- फोटो : File Photo
इससे पहले 8 मई को अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुख और यासीन मलिक ने साथ आकर इस कयास का खंडन किया था कि कश्मीर में उनका आंदोलन आईआईएस की राह पर जा रहा है।

कश्मीर के अलगाववादी इस बात से भी परेशान हैं कि कहीं आतंकियों से उनके संबंध अगर खुलकर सबके सामने आ गए तो अंतरराष्ट्रीय संस्थानों तक उनकी पहुंच कमजोर पड़ जाएगी। 12 मई को मूसा ने अपने एक ऑडियो मैसेज के जरिए अलगाववादियों को डराते हुए कहा था कि जो भी अलगाववादी उनके आजादी के इस मूवमेंट के बीच में आएगा वो उसका सिर काटकर श्रीनगर में लाल चौक पर टांग देंगे।

वहीं 15 मई को भी मूसा ने एक ऑडियो मैसेज जारी किया, जिसमें उसने हिज्बुल मुजाहिद्दीन से खुद को अलग करने का ऐलान किया। उसने अलकायदा को अपने बयान में सम्मान दिया लेकिन आईएसआईएस से किसी भी संपर्क से साफ इंकार कर दिया।
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