महानगर के अतिसंवेदनशील फूल चौराहा स्थित सराफा चौक के एक धर्मस्थल पर गुंबद निर्माण को लेकर शुक्रवार शाम से शुरू हुए विवाद ने देर रात सांप्रदायिक रूप ले लिया। शुरुआती दौर में हुई समझौता वार्ता के बाद एक पक्ष की भीड़ ने पुलिस पर पथराव के साथ फायरिंग कर दी।
जवाब में पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग की। कुछ ही देर में ऊपरकोट से सटा पुराने शहर का पूरा मिश्रित इलाका सांप्रदायिक तनाव की जद में आ गया। दोनों ओर से जमकर धार्मिक नारेबाजी होने लगी।
हालांकि पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दोनों पक्षों की भीड़ को खदेड़ दिया। बाद में पहुंचे स्थानीय प्रतिनिधियों ने पुलिस को चेतावनी दी कि अगर सुबह छह बजे तक गुंबद न हटी, तो परिणाम गंभीर होंगे। पूरी रात पुलिस-प्रशासनिक अमला मौके पर जमा रहा। जबकि स्थानीय नेताओं ने हलवाईखाने में डेरा जमा रखा था।
फूल चौराहा सराफा चौक सांप्रदायिक दृष्टि से शहर का अतिसंवेदनशील प्वाइंट है। यहां अर्से पुराना धर्मस्थल है, जिसकी तीसरी मंजिल पर काफी समय से निर्माण कार्य चल रहा है। एक साइड तैयार की गई गुंबद धर्मस्थल के पड़ोस वाले मकान व दुकान पर निकल रही है और झुकी हुई है।
गुंबद का निर्माण इस तरह हो रहा है कि अगर भविष्य में कभी पड़ोस वाले मकान मं रहने वाला अपने मकान पर निर्माण कराता है, तो गुंबद आड़े आ सकती है। इसी तरह दूसरे कोने पर गुंबद पर लाउड स्पीकर इस तरह लगा दिए गए हैं कि वह प्याऊ पर आ रहे हैं। इसका एक पक्ष के लोगों ने शाम करीब पांच बजे से विरोध शुरू कर दिया और निर्माण न होने देने की चेतावनी दी।
कुछ ही देर में गृहस्वामी के पक्ष से भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। भीड़ जुटने पर सीओ प्रथम, सीओ तृतीय, सिटी मजिस्ट्रेट, कोतवाली, सासनी गेट, बन्नादेवी थाने की फोर्स समेत आरआरएफ आदि पहुंच गई। मेयर शकुंतला भारती भी आ गईं।
यहां दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बन गई कि निर्माण रुकवा दिया जाए। साथ ही फिलहाल गुंबद हटवा दी जाए और आगे का निर्माण रविवार को दोनों पक्षों की वार्ता के बाद हो। इसके बाद सभी लोग वहां से चले गए, जबकि एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया।