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मुंह की खाने से बौखलाया पाकिस्तान, इंडियन आर्मी ने पिछले साल बॉर्डर पर मारे 200 आतंकवादी 

Mon, 05 Feb 2018 04:52 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
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भारतीय सैनिक
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पूरी दुनिया में आतंकवाद का निर्यात करने वाला पाकिस्तान चौतरफा दबाव से इतना बेचैन है कि भारत के साथ नियंत्रण रेखा पर लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर अपनी बौखलाहट जाहिर कर रहा है। भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से मिल रहे मुंहतोड़ जवाब से उसकी परेशानी और बढ़ती जा रही है।

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एक तरफ अमेरिका ने उसकी 25.5 करोड़ डॉलर (लगभग 17 अरब रुपये) की सहायता पर तब तक रोक लगा दी है जब तक कि वह अपनी धरती पर फल-फूल रहे आतंकी पनाहगाहों को खत्म नहीं कर देता। दूसरी तरफ चीन को छोड़कर पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय उस पर अनौपचारिक रूप से आतंकी देश का ठप्पा लगा चुका है। 

उधर, कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ पिछले एक साल से चल रहे भारतीय सुरक्षा बलों के ऑपरेशन क्लीन अप में 200 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं जिनमें डेढ़ दर्जन से ज्यादा टॉप कमांडर शामिल हैं। 2010 में 270 आतंकियों का सफाया हुआ था। उसके बाद संख्या सबसे ज्यादा है। वर्ष 2016 में 165 और 2015 में 100 आतंकी मारे गए थे।
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एनआईए की कार्रवाई से भी मची हलचल
इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा पिछले साल मई में आतंकी फंडिंग के साथ पाकिस्तान और कश्मीर के अलगाववादियों की साठगांठ को उजागर किए जाने से राज्य के अलगाववादी नेताओं के भारत विरोध की धार कम हुई है। इस मामले में न सिर्फ कश्मीर के बड़े व्यवसायी शिकंजे में फंसे बल्कि शीर्ष अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का दामाद भी गिरफ्तार हुआ।

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आतंकियों की घुसपैठ के लिए नापाक हरकत

आतंकी
पाकिस्तान की ओर से वर्ष 2016 में 271 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया जबकि पछले साल ऐसी 860 घटनाएं हुईं। इस साल भी सीमा पार की इस नापाक हरकत में कमी नहीं आई है। अभी हाल ही में आईबी ने पाकिस्तान से आए एक संदेश को पकड़ा था जिसमें पाकिस्तान सेना की कश्मीर रणनीति का खुलासा हुआ। 

कश्मीर के बाहर के आतंकियों से आह्वान
पाकिस्तानी सेना की रावलपिंडी में हुई बैठक में तय किया गया है कि आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए सेना कवर फायरिंग में तेजी लाएगी। इसके अलावा लश्कर से कहा गया कि वह कश्मीर के बाहर के अपने आतंकियों को राज्य में हमले करने का आदेश दे। बताया जाता है कि पाकिस्तानी सेना और आतंकियों की मनोबल इतना गिरा हुआ है कि सेना किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

फिदायीन हमलों में तेजी
जैश ए मोहम्मद के तीन फुटिया कमांडर नूर मोहम्मद तंत्रे के मारे जाने के बाद से कश्मीर में फिदायीन हमलों में तेजी आई है। नए साल की पूर्व संध्या पर सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमले में पांच जवान शहीद हुए थे। हमले में शामिल तीन आतंकी भी मारे गए थे। इस साल 14 जनवरी को उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में पांच आतंकी मारे गए थे। ये सभी आत्मघाती हमलावर थे और पाकिस्तान से आए थे।

पाक को चार गुना नुकसान
भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के अनुसार पाक का नापाक हरकतों से उसे हमारे मुकाबले तीन से चार गुना नुकसान हो रहा है। उसके संघर्ष विराम उल्लंघन को रोकने का यही एक तरीका है। जब तक वह घुसपैठ नहीं रोकता, तब तक हमारी कार्रवाई जारी रहेगी।  

मारे गए टॉप कमांडर
सब्जार अहमद
जुनैद मट्टू
बशीर लश्करी
अबू दुजाना
मुजम्मिल
महमूद भाई लश्करी
खालिद
अबू इस्माइल
अबू हैरिस
नूर मोहम्मद तंत्रे
 
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