पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बीच, पाकिस्तान की सरकार ने उनके खिलाफ एनएबी और एफआईए में एक साथ अपील दाखिल करने का निर्णय लिया है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यूनल ने अपनी एक रिपोर्ट में ये दावा किया है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधामंत्री इमरान खान के खिलाफ इस मुद्दे पर कार्यवाही चुनाव आयोग की शिकायत पर शुरू की गई थी। आयोग ने उन्हें चुनाव पत्रों में झूठे बयानों और गलत जानकारी देने का दोषी पाया था।
चुनाव आयोग ने दर्ज कराई थी शिकायत
आयोग ने आरोप लगाया था कि पूर्व पीएम इमरान खान ने साल 2017-2018 और 2018-19 के लिए दाखिल किए गए संपत्ति और देनदारियों के ब्योरे में विशेष रूप से वर्ष 2018 और 2019 में तोशखना उपहारों से संबंधित अपनी संपत्ति को जानबूझकर छुपाया था।
चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार
चुनाव आयोग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए इमरान खान को पांच साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया था। उन्होंने इसके खिलाफ अदालत में अपील भी दाखिल की थी, जहां से उन्हें करारा झटका लगा था। अदालत ने उन्हें प्रधानमंत्री रहने के दौरान विदेशों से मिले महंगे तोहफों को बेचने से प्राप्त राशि छिपाने का दोषी माना था। साथ ही इमरान खान से पाक संसद (नेशनल असेंबली) की सदस्यता भी रद्द कर दी थी।
ऐसे बेचे थे उपहार
2019 में पाकिस्तान के तोशाखाना या सरकारी खजाने से इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की करीबी मित्र फराह खान के माध्यम से 28 करोड़ रुपये के तोहफे बेचे गए। इसके एक माह बाद इतनी राशि को खातों में हेराफेरी कर 'सफेद' किया गया। इससे इमरान खान के आर्थिक लेन-देन जांच के घेरे में आ गए हैं।
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार शेख उमर फारूक जहूर ने बताया था कि फराह खान ने अप्रैल 2019 में दुबई में उसे तोशाखाना के उपहार करीब 28 करोड़ रुपये में बेचे थे। वहीं, पाकिस्तान के फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) के आधिकारिक रिकॉर्ड से पता चलता है कि केवल एक महीने बाद जब मई 2019 में पाक सरकार ने कर माफी योजना घोषित की तो उन्हें कर लाभ दिया गया।
शाहजेब खानजादा ने बुधवार को जियो न्यूज शो में वित्तीय वर्ष 2018-19 के फराह खान और उनके पति अहसान गुज्जर के आयकर रिटर्न व अन्य तथ्यों का खुलासा किया। इसमें बताया गया कि उन्हें 2019 में कर छूट योजना का लाभ मिला है। उधर, द न्यूज के अनुसार गुज्जर ने दावा किया है कि उनकी पत्नी को प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के कार्यकाल के दौरान कर छूट स्कीम का लाभ मिला, न कि इमरान सरकार के कार्यकाल में।
इसके पहले 28 अप्रैल 2022 को प्रसारित जियो न्यूज के एक कार्यक्रम में अहसान ने शाहजेब खानजादा से बात करते हुए माना था कि उन्हें 2019 में इमरान खान की सरकार के दौरान कर छूट योजना का लाभ मिला था। उमर जहूर के साथ खास बातचीत में शाहजेब खानजादा ने कहा कि इमरान को विदेशों से मिले उपहारों का पूरा सेट 20 लाख डॉलर में बिका था। उस वक्त यानी अप्रैल 2019 में एक डॉलर की कीमत 141 पाकिस्तानी रुपये थी। इस तरह 20 लाख डॉलर को पाक रुपये में परिवर्तित करने पर फराह खान को 28 करोड़ रुपये रुपये मिले।
द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान ने इन उपहारों की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई थी। हालांकि, उमर फारूक जहूर ने खानजादा को बताया कि उसने 20 लाख डॉलर यानी 28 करोड़ रुपये फराह खान को अदा किए थे।