विशाखापत्तनम की विशेष अदालत में आपराधिक साजिश रचने के एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक विशेष अदालत में पूरक आरोप पत्र दायर किया। भारत में जासूसी गतिविधियों को अंजाम देने के इस मामले का लिंक पाकिस्तान से है। मामला पाकिस्तानी खुफिया संचालकों की तरफ से आपराधिक साजिश रचने का है।
इस मामले में एक एनआईए अधिकारी ने सोमवार को कहा, आरोप पत्र मुंबई के निवासी मनमोहन सुरेंद्र पांडा के खिलाफ दायर किया गया। पांडा भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और पनडुब्बियों के बारे में अत्यधिक गोपनीय जानकारी सीमा पार- पाकिस्तान में प्रसारित करते पाए गए थे।
एनआईए प्रवक्ता ने कहा कि पांडा पर औपचारिक रूप से भारतीय दंड संहिता (IPC), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि मामला शुरू में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के पुलिस स्टेशन काउंटर इंटेलिजेंस सेल में दर्ज किया गया था। बाद में 5 मई को एनआईए ने फिर से मामला दर्ज किया गया था।
जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा, "जांच से पता चला है कि पांडा अज्ञात व्यक्तियों के साथ हर्ष नामक संदिग्ध पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटर के साथ भारतीय नौसेना से संबंधित वर्गीकृत जानकारी साझा कर रहा था।" इस मामले में बड़े आर्थिक लाभ पाने का आरोप भी लगाया है।
एनआईए ने कहा, यह भी पता चला है कि पांडा को भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और पनडुब्बियों से संबंधित अत्यधिक गोपनीय जानकारी प्रसारित करने के लिए क्रिप्टो चैनलों के माध्यम से अन्य संदिग्ध पाकिस्तानी गुर्गों, मीर बालाज खान, अल्वेन और कई अज्ञात व्यक्तियों से आर्थिक लाभ भी मिल रहा था।