अपने देश के भी लोग काम करते थे
सूत्रों के पाकिस्तान हाई कमीशन के इस स्कूल में अपने देश के भी सात-आठ लोग काम करते थे। इसमें कुछ शिक्षक और अन्य स्टाफ के लोग भी शामिल थे। जानकारी के मुताबिक आर्थिक तंगी का हाल यह हो चुका था कि पाकिस्तान हाई कमीशन अपने स्कूल के स्टाफ को वेतन तक नहीं दे पा रहा था। सूत्रों के मुताबिक वेतन का संकट पिछले एक साल से लगातार बना हुआ था। इसे लेकर स्कूल के कर्मचारियों ने पाकिस्तान हाई कमीशन के उच्चाधिकारियों से बात भी की थी। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान हाई कमीशन ने 31 मार्च को स्कूल बंद होने का एक सर्कुलर भी जारी किया था।
अगले महीने डिफॉल्टर हो सकता है पाकिस्तान
पाकिस्तान की बदहाल आर्थिक व्यवस्था के चलते ही कई संगठनों ने अपनी रिपोर्ट्स में पहले ही चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था डूबने के कगार पर है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने फरवरी में देश की क्रेडिट रेटिंग को घटा दिया था, जबकि इसी महीने में उसने कहा कि अगर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से राहत पैकेज हासिल करने में विफल रहता है, तो वह जून तक डिफॉल्ट हो सकता है। पाकिस्तान के अर्थशास्त्रियों को लगता है कि पाकिस्तान को बचाने के लिए चीन और सऊदी अरब जरूर मदद करने को आगे आएंगे।