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26/11: 15 साल बाद PAK में सुरक्षा के बावजूद कैसे ढेर हो रहे हैं आतंकी, 'घर' में ही मारे जाने की कहानी क्या?

सार

पाकिस्तान में छिपे भारत के दुश्मनों के खात्मे का सिलसिला जारी है। वहां आतंकियों का खात्मा करने वाले अज्ञात शख्स या एजेंसी का खौफ इतना बढ़ गया है कि अब पाकिस्तान में बाकी बचे दहशतगर्दों में भगदड़ मच गई है। जो आतंकी कथित तौर पर जेल में बंद हैं, उन्हें भी पाकिस्तानी आईएसआई द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही जा रही है।
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आतंकी (प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान के आतंकियों द्वारा अंजाम दिए गए 26/11 के आतंकी हमले को भुलाया नहीं जा सकता। रविवार को उस हमले की 15वीं बरसी है। हालांकि इन 15 वर्षों में भारत ने आतंकवाद पर लगातार प्रहार जारी रखा है। इस कड़ी में अब पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के टॉप दहशतगर्द भी लुढ़कने लगे हैं। इस साल डेढ़ दर्जन से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। खास बात है कि आतंकियों को उनके 'घर में घुसकर' निशाना बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को पाकिस्तान के आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' के सरगना मसूद अजहर का खास, युनूस खान मारा गया है। उसे 'जैश-ए-मोहम्मद' के लिए आतंकियों की भर्ती करने की जिम्मेदारी दी गई थी। युनूस खान को अज्ञात शख्स ने गोली मारी है। यह घटना के पाकिस्तान के बाजापुर के ममोंद क्षेत्र में हुई है। अज्ञात हमलावरों ने उस वक्त युनूस खान को अपनी गोली का निशाना बनाया, जब वह 'फजर की नमाज' पढ़ने के लिए मस्जिद में जा रहा था। 
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पाकिस्तान के दहशतगर्दों में मची भगदड़
पाकिस्तान में छिपे भारत के दुश्मनों के खात्मे का सिलसिला जारी है। वहां आतंकियों का खात्मा करने वाले अज्ञात शख्स या एजेंसी का खौफ इतना बढ़ गया है कि अब पाकिस्तान में बाकी बचे दहशतगर्दों में भगदड़ मच गई है। जो आतंकी कथित तौर पर जेल में बंद हैं, उन्हें भी पाकिस्तानी आईएसआई द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही जा रही है। ऐसे दहशतगर्द, जिन्हें कुछ समय पहले तक सार्वजनिक स्थलों पर देखा जाता था, वे भूमिगत हो रहे हैं। कई आतंकियों को बुलेटप्रूफ गाड़ियां मुहैया कराई गई हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, 'जैश-ए-मोहम्मद' 'डी कंपनी', 'लश्कर ए तैयबा', लश्कर-ए-जब्बर और लश्कर-आई-जांगवी सहित कई आतंकी संगठनों से जुड़े दहशतगर्दों को पाकिस्तान में सुरक्षा प्रदान की गई है। आईएसआई की रिपोर्ट पर लोकल पुलिस एवं दूसरे सुरक्षा बलों को इनके ठिकानों के आसपास तैनात किया गया है।

पाकिस्तान ने आतंकियों को दी है सुरक्षा
मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी को दो वर्ष पहले पाकिस्तान की एक अदालत ने टेरर फंडिंग केस में 15 साल कैद की सजा सुनाई थी। भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे हास्यास्पद बताया था। पाकिस्तान, एफएटीएफ की बैठक के भय से इस तरह के कदम उठाता रहता है। पर्दे के पीछे का सच, दुनिया जानती है। 'लश्कर ए तैयबा' के प्रमुख और वैश्विक आतंकी हाफिज सईद को भी पाकिस्तान की अदालत से 31 साल की सजा सुनाई थी। कई बार ऐसे प्रमाण सामने आते रहे हैं, जिनसे इन दोनों आतंकियों के जेल में होने पर संदेह होता है। अब इन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई गई है। हिजबुल मुजाहिदीन का प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन को अमेरिका ने ग्लोबल टेररिस्ट सूची में डाल रखा है। अब कुछ समय से सलाहुद्दीन भी भूमिगत हो चुका है। इसे पाकिस्तान में बुलेटप्रूफ वाहन और सिक्योरिटी पर्सन दिए गए हैं। 1993 के मुंबई बम धमाकों का आरोपी, वैश्विक आतंकी दाऊद इब्राहिम को भी कराची में हाई सिक्योरिटी प्रदान की गई है। भारत सरकार ने कराची में इसकी मौजूदगी के कई सबूत पाकिस्तान को सौंपे, मगर वहां की सरकार ने इन्हें मानने से इनकार कर दिया। जैश-ए-मुहम्मद का संचालक मसूद अजहर को भी पाकिस्तान में सुरक्षा दी गई है। पाकिस्तान में मौजूद हाफिज सईद के रिश्तेदार और वैश्विक आतंकी अब्दुल रहमान मक्की और जफर इकबाल को भी सुरक्षा घेरे में रखा जा रहा है। 
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अभी तक हुआ इन आतंकियों का खात्मा
इसी सप्ताह भारत के मुखर आलोचक रहे मलिक असलम वजीर की एक ब्लास्ट के जरिए हत्या कर दी गई है। यह घटना, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में साउथ वजीरीस्तान के दाजा घुंडई इलाके में हुई थी। वजीर के साथ उसका बेटा और एक अन्य व्यक्ति भी मारा गया था। वजीर के जहरीले भाषणों से आतंकियों की भर्ती की जाती थी। 'जैश-ए-मोहम्मद' का सरगना 'मौलाना मसूद अजहर' का करीबी 'मौलाना रहीम तारिक उल्ला' 13 नवंबर को कराची में अज्ञात हमलावरों की गोली का निशाना बना था।  उससे पहले 'लश्कर ए तैयबा' प्रमुख हाफिज सईद का करीबी 'अकरम खान उर्फ अकरम गाजी' भी पाकिस्तान के बाजापुर में अज्ञात हमलावरों द्वारा मार दिया गया। पाकिस्तान में भारत के मोस्ट वांटेड एवं उनके सहयोगी लगातार मारे जा रहे हैं। आईएसआई, इन आतंकियों को महफूज रखने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद आतंकी, अज्ञात हमलावरों का निशाना बन रहे हैं। हालांकि आईएसआई की तरफ से ऐसा आरोप लगाया जाता है कि इन सब हत्याओं के पीछे भारतीय एजेंसियों का हाथ है। 

आतंकी हमले का मास्टर माइंड ख्वाज शाहिद
पाकिस्तान में मुजफ्फराबाद की अथमुकाम तहसील में कुछ दिन पहले ही ख्वाज शाहिद उर्फ मियां मुजाहिद मारा गया था। जम्मू कश्मीर में 2018 के दौरान सेना के सुंजवान कैंप पर हुए आतंकी हमले का मास्टर माइंड ख्वाज शाहिद बताया गया था। इससे पहले पाकिस्तान में भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी दाऊद इब्राहिम की 'डी कंपनी' का गुर्गा मोहम्मद सलीम मारा गया था। उसका शव, दरगाह अली शाह सखी सरमस्त के निकट ल्यारी नदी में पड़ा हुआ था। दाऊद मलिक, जिसे वैश्विक आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' के सरगना मसूद अजहर का करीबी बताया जा रहा था, वह भी पाकिस्तान के उत्तरी वजीरीस्तान में मारा गया था। पठानकोट हमले का मास्टर माइंड शाहीद लतीफ के अलावा आईएसआई का एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज की हत्या कर दी गई थी। 'जैश-ए-मोहम्मद' के सरगना मसूद अजहर का करीबी दाऊद मलिक, शाहिद लतीफ, बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज, अबु कासिम, परमजीत सिंह पंजवड़, जहूर मिस्त्री, खालिद रजा और अब्दुल सलाम भट्टावी जैसे आतंकी पाकिस्तान में मारे जा चुके हैं। 

कश्मीर घाटी में मसूद अजहर के संदेश
पाकिस्तान के आतंकी संगठन, जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मौलाना मसूद अजहर, जिसका नाम भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है, वह शांत नहीं बैठ रहा है। अपने गुर्गों के जरिए मसूद अजहर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। एनआईए की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि कश्मीर घाटी में मसूद अजहर के गुर्गे उसकी तस्वीरें और भड़काऊ ऑडियो एवं वीडियो क्लिप के जरिए युवाओं को गुमराह कर उन्हें आतंक के रास्ते पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। 1999 के दौरान भारतीय जेल में बंद मसूद अजहर एवं उसके दो साथियों की रिहाई के लिए आतंकियों ने भारतीय विमान का अपहरण कर लिया था। उस विमान को कंधार ले जाया गया। विमान के यात्रियों की रिहाई के बदले भारत सरकार को मसूद अजहर समेत तीन खूंखार आतंकी रिहा करने पड़े थे। अब वही मसूद अजहर, पाकिस्तान में बैठकर अपने गुर्गों की मदद से जम्मू कश्मीर में माहौल खराब करने की साजिश रच रहा है। मसूद अजहर के इशारे पर जम्मू कश्मीर में शांति व्यवस्था को खराब करने की कोशिश हो रही है।
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