अमेरिकी अधिकारियों ने अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ बातचीत पर स्पष्ट रोक लगा दी है। मीडिया रिपोर्ट में गुरुवार को दावा किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े साइफर मामले के द्विपक्षीय संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बनने के बाद यह निर्णय लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट में एक वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिक के हवाले से यह बात कही गई है।
रिपोर्ट में पाकिस्तान राजनयिक का दावा
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों के संचार ठप होने के बारे में खुलासा फैसल तिर्मिजी ने किया था, जो अमेरिका से संबंधित मामलों को देखने वाले विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि तिर्मिजी ने संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को विवरण प्रदान किया क्योंकि उसने सिफर मामले की जांच के लिए विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय में संबंधित अधिकारियों का साक्षात्कार लिया था।
क्या है मामला?
मार्च 2022 में एक सार्वजनिक रैली के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कागज का एक टुकड़ा लहराया, इसे अपने भाषण में सिफर की नकल बताया और दावा किया कि अमेरिका उन्हें सत्ता से बाहर करना चाहता था। अमेरिकी विदेश विभाग ने इमरान खान के आरोपों को बार-बार खारिज किया है। उनके खिलाफ इसी साल 18 अगस्त को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया था। 71 वर्षीय इमरान खान और उनके करीबी सहयोगी 67 वर्षीय पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को मुख्य आरोपी के तौर पर नामित किया गया है और उन पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।