एनआईए की प्राथमिकी में कहा गया है कि बीएफडी 14460 पंजीकरण संख्या वाली नौका को पकड़ा गया था और 10 विदेशी नागरिकों को खेप के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिनका उद्देश्य भारत में आतंकवादी गिरोहों को धन प्रदान करना था।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित पोशानी समुद्री तट का इस्तेमाल एक विदेशी नौका 'अल-सोहेली' को भेजने के लिए किया गया था। इसे पिछले साल पंजाब और उत्तर भारत के आतंकवादी गिरोहों की फंडिंग, हथियारों और ड्रग्स की एक खेप पहुंचाते हुए पकड़ा गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अपनी प्राथमिकी में यह बात कही।
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आतंकवाद रोधी एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में बलूचिस्तान क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले 10 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी और इसमें जिक्र किया गया था कि पिछले साल 28 दिसंबर को गुजरात में ओखा के पास भारतीय जल क्षेत्र में नौका को रोका गया था और इससे छह विदेशी निर्मित पिस्तौल, छह मैगजीन और 120 कारतूसों के साथ 40 किलोग्राम मादक पदार्थ और प्रतिबंधित पदार्थ (हेरोइन) जब्त किए गए थे।
एनआईए की प्राथमिकी में कहा गया है कि बीएफडी 14460 पंजीकरण संख्या वाली नौका को पकड़ा गया और 10 विदेशी नागरिकों को खेप के साथ गिरफ्तार किया गया, जिनका उद्देश्य भारत में वित्तीय लाभ, आतंकवादी गतिविधियों, पंजाब व उत्तर भारत के आतंकवादी गिरोहों को धन प्रदान करना था।
प्राथमिकी सीआरपीसी (आपराधिक प्रक्रिया संहिता) की धारा 154; नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट 1985 की धारा 8 (सी), 22 (सी), 23, 25, 29; यूएपीए 1967 की धारा 17, 18, 23 और 40 के तहत दर्ज की गई है।