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पाक सेना को रास नहीं आ रही मोदी शरीफ की नजदीकी

Fri, 01 Apr 2016 04:11 AM IST
गुंजन कुमार / नई दिल्ली
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पाकिस्तानी सेना को अचानक अपने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजदीकी रास नहीं आ रही। दोनों प्रधानमंत्रियों में दूरी बनाने की कवायद में सेना शरीफ पर दबाव डालकर उन्हें वाशिंगटन में हो रहे नाभकीय सुरक्षा काउंसिल (एनएससी) में जाने से रोकने में सफल रही है।
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वाशिंगटन में शरीफ और मोदी की मुलाकात तय थी।  पाक सैन्य नेतृत्व को इस बात का भी अंदेशा है कि उसके विवादास्पद न्यूक्लियर पॉलिसी की वजह से एनएससी मंच पर पाकिस्तान की फजीहत हो सकती है। 

हालांकि पाकिस्तान ने लाहौर में हुए आतंकी हमले को शरीफ ने वाशिंगटन नहीं जाने की वजह बताया है। लेकिन भारतीय एजेंसियां इसकेलिए पाक सेना के पिछले हफ्ते भर  में बदले पैतरे को जिम्मेदार ठहरा रही हैं।
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उच्चपदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि बलूचिस्तान इलाकेसे कथित रॉ एजेंट की गिरफ्तारी और  उसके इंट्रोगेशन रिपोर्ट जारी करना सेना के इसी प्लाट का हिस्सा है। सेना और उसके तहत काम करने वाली आईएसआई यह हथकंडे उस वक्त आजमा रही है जब पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए नवाज शरीफ के आदेश पर गठित संयुक्त जांच दल (जेआईटी) भारत में है। 
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पाकिस्तान की फजीहत का भी है सेना को अंदेशा 

2. नवाज शरीफ - फोटो : abcnewspoint.com
इस मामले से जुड़े अधिकारी ने बताया कि सेना के अचानक बदले पैंतरे की ठोस वजह का पूरा अंदाजा नहीं लग पा रहा है। अंदाजा लगाया जा रहा हैकि पठानकोट हमले की जांच में भारत की बढती उपलब्धि का अंदेशा पाक सेना नेतृत्व को रास नहीं आ रहा है।

उसकी मंशा इस बात से साफ है कि कथित भारतीय एजेंट से बातचीत करने की भारत की तीसरी बार की गई पेशकश को पाकिस्तान ने ठुकरा दिया है। इसमें पीएम शरीफ भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक सेना को यह शक है कि वाशिंगटन में भारत की ओर से पाकिस्तान की विवादास्पद न्यूक्लियर पॉलिसी पर सवाल खड़े किए जा सकते हैं। इसके अलावा पठानकोट हमले की जांच में पाकिस्तान के जैश ए मोहम्मद जैसे कथित नॉन स्टेट एक्टर की तरफ भारत  का बढ़ता हाथ भी पाक सेना और आईएसआई के एक बड़े तबकेको रास नहीं आ रहा है।    
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