स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रियाल भटकल और इकबाल भटकल साल 2008 से पाकिस्तान में बैठे हुए हैं। इन्हें वहां आईएसआई व पाक सेना ने पनाह दे रखी है। ये दोनों इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के फाउंडर सदस्य हैं।
इन्होंने ही आईएम के आतंकियों के आजमगढ़ मॉड्यूल से दिल्ली में साल 2008 में सीरियल बम धमाके कराए थे। आजमगढ़ मॉड्यूल के इस समय चार से पांच सदस्य फरार हैं। आजमगढ़ मॉड्यूल के कुछ सदस्य सउदी अरब में हैं और भटकल बंधुओं के संपर्क में हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस ने बताया कि आईएसआई व पाक सेना ने भटकल बंधुओं को जल्द ही तंजीम खड़ा करने के लिए भी कहा है। भटकल बंधुओं को भारत में बम धमाके करवाने का जिम्मा इसलिए सौंपा है कि ये अपनी बातों से राह से भटके युवाओं को तुरंत आतंक की रात पर मोड़ देते हैं। कोई आतंकी संगठन दिल्ली समेत भारत में जगहों पर आतंकी वारदात करने में सफल नहीं हो पा रहा है। इस कारण इस बार जैश के साथ भटकल बंधुओं को आतंकी हमले का जिम्मा सौंपा गया है।
भारतीय खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह के इनपुट्स भी मिले हैं कि कश्मीर से 370 हटाने में पाकिस्तान में सबसे ज्यादा बेइज्जती पाकिस्तान सेना ही हो रही है। पाकिस्तान सेना 'कश्मीर पाकिस्तान का होगा' इस नारे पर चलती आई है। अनुच्छेद 370 हटाने से पाकिस्तान सेना को झटका है। पाकिस्तान में उसकी धार ही खत्म हो रही है। खासकर इसलिए पाक सेना ने इस बार भारत में आतंकी हमले करवाने का जिम्मा संभाला है।
खुफिया विभाग के लिए अधिकारी ने बताया कि दिल्ली व जम्मू कश्मीर में चार आतंकी घुस आए हैं। हो सकता है कि आतंकी धमाके करने की तैयारी करने आए हैं या फिर बम धमाके करने आए हैं। अब ये भी इनपुट्स हैं कि समुद्र, पूर्वोत्तर राज्य व बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान से और आतंकी भारत में जल्द ही प्रवेश करने हैं।
इसे लेकर दिल्ली पुलिस व खुफिया विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार को भी दिल्ली और एनसीआर में दबिश दी। संयुक्त टीम ने जम्मू-कश्मीर से आने वाले कई युवाओं और अन्य लोगों को रविवार को वेरीफाई किया है। हालांकि रविवार शाम तक संयुक्त टीम दिल्ली में घुस आए आतंकियों को लेकर खाली हाथ थी।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार में भारत में आतंकी हमले होने के बहुत ही विश्वसनीय व गंभीर इनपुट्स मिले हैं। इनपुट्स मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेलश सेल व खुफिया विभाग समेत देश की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है। सभी सुरक्षा एजेंसियों एकजुट होकर काम कर रही हैं।