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उम्मीद : बगैर दवा दूर होगा मरीजों का दर्द, उपचार तलाशने के लिए देश में बन रहा ‘क्रोनिक पेन बायोलॉजी’

Mon, 11 Apr 2022 06:47 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।

सार

बायोटेक्नोलॉजी विभाग (डीबीटी) से मिली जानकारी के अनुसार देश में मौजूदा क्रोनिक पेन व्यवस्थाओं के बारे में जानने के लिए एक मैप तैयार किया जा रहा है, जिसके आधार पर अन्य देशों की पॉलिसी से तुलना करते हुए भारत क्रोनिक पेन चिकित्सा के क्षेत्र में नए दिशा निर्देश लागू करेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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देश में पहली बार दर्द  (क्रोनिक पेन) से जुड़े करोड़ों मरीजों के लिए नई उम्मीद जगी है। सरकार ने अब दर्द का उपचार तलाशना शुरू कर दिया है। जल्द ही देश में क्रोनिक पेन को लेकर एक ऐसा तंत्र विकसित किया जाएगा, जिसके दायरे में न सिर्फ सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज होंगे बल्कि अस्पतालों में भी शुरुआत से ही रोगियों का उपचार शुरू होगा। आगामी दिनों में चिकित्सा छात्रों को उनके पाठ्यक्रम में ही इसका प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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बायोटेक्नोलॉजी विभाग (डीबीटी) से मिली जानकारी के अनुसार देश में मौजूदा क्रोनिक पेन व्यवस्थाओं के बारे में जानने के लिए एक मैप तैयार किया जा रहा है, जिसके आधार पर अन्य देशों की पॉलिसी से तुलना करते हुए भारत क्रोनिक पेन चिकित्सा के क्षेत्र में नए दिशा निर्देश लागू करेगा। दरअसल, विभिन्न बीमारियों के साथ भारत में क्रोनिक पेन से पीड़ित करोड़ों मरीज हैं। वैश्विक सीपी (क्रोनिक पेन) प्रसार सर्वेक्षण में पाया है कि 19.3 फीसदी भारतीय वयस्क आबादी सीपी से पीड़ित है। वहीं, करीब 25 फीसदी पुराने दर्द न्यूरोपैथिक प्रकृति से पीड़ित मरीज हैं। देश के सभी मेडिकल कॉलेज दर्द निवारक तंत्र से जुड़ रहे हैं। शुरुआत से ही मरीजों के दर्द पर काम किया जाएगा।

अभी मॉर्फिन दवाओं की लत में मरीज
पुराने दर्द से जूझ रहे मरीजों का वर्तमान में कोई उपचार नहीं है। उन्हें दर्द निवारक दवाओं के सहारे रहना पड़ता है। इससे ओपिओइड्स/मॉर्फिन दवाओं के व्यापक अति प्रयोग भी हो रहा है और मरीजों को लत लग रही है। इसके प्रतिकूल परिणाम हो सकते हैं।
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मरीजों में मिले दर्द के तीन बड़े रूप : मरीजों में दर्द के तीन बड़े रूप मिले हैं, जिसके आधार पर इसे तीन प्रमुख समूह नॉनसिसेप्टिव, न्यूरोपैथिक और नोसिप्लास्टिक में बांटा गया है। तंत्रिका पथ में गतिविधि के चलते नोसिसेप्टिव दर्द होता है। इसे सामान्य तौर पर गठिया और रीढ़ की हड्डी के रूप में भी जानते हैं। न्यूरोपैथिक दर्द किसी बीमारी के कारण होता है। नोसिप्लास्टिक दर्द शारीरिक क्षति, चोट या रोग विकृति के साथ आता है।

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