कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कश्मीर नीति पर केंद्र की मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की है। चिदंबरम ने कहा कि 'मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर में शांति लाने में विफल रही है। आंतकवाद के खात्मे के लिए कठोर सैन्य नीति का भी कोई फायदा नहीं दिखा।'
दिनेश्वर शर्मा को कश्मीर में केंद्रीय वार्ताकार नियुक्त करना भी सरकार की सोची समझी रणनाति नजर आती है। कहा गया था कि उनकी नियुक्ति से राज्य में घुसपैठ और आतंकवाद पर लगाम लगेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
यही नहीं उन्होंने 2014 से 2017 तक कश्मीर में मारे गए आतंकियों और नागरिकों के बारे में हाल ही में सरकार की ओर से जारी आंकड़ों पर भी सवाल खड़े किए। उन्हेोंने यूपीए से तुलना करते हुए बताया कि इस दौरान मारे गए नागरिकों की संख्या 28 से 57 तो वहीं 110 से 218 आतंकी मारे गए। लेकिन इस दौरान मारे गए सैनिकों की संख्या 47 से 83 रही।
बता दें कि, पाकिस्तान ने बुधवार को एलओसी तथा आईबी पर सीजफायर का उल्लंघन कर भारतीय चौकियों तथा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया था। इस दौरान सांबा जिले में आईबी पर पाक के स्नाइपर शॉट से एक बीएसएफ जवान शहीद हो गया। हालांकि भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाक की दो चौकियों को धवस्त कर दिया था।