कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि मोदी सरकार के 2019-20 के आम बजट में देश की तीव्र आर्थिक प्रगति के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है और इस बजट में सख्त व ढांचागत सुधारों की कमी है।
उच्च सदन में आम बजट पर हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था को 2024-25 तक बढ़ाकर 5 खरब डॉलर का बनाने के सरकार के आह्वान पर तंज किया। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था हर छह-सात साल में दोगुनी हो जाती है। इसके लिए किसी वित्त मंत्री की भी जरूरत नहीं है।
उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने बजट भाषण में कई आंकड़े पेश ही नहीं किए। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री को बजट भाषण में संबंधित आंकड़े पेश करना चाहिए था क्योंकि आम लोग बजट से जुड़े अन्य दस्तावेजों को नहीं देख पाते।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के संबंध में बजट दस्तावेजों और आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों में समानता नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक वृद्धि दर आठ प्रतिशत होने की बात की गई है जबकि आर्थिक सर्वेक्षण में यह सात प्रतिशत तय की गई है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एकीकृत तस्वीर पेश करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि बजट में घरेलू बचतों को सुधारने पर कोई चर्चा नहीं की गई।