अपनी 100 पन्नों की याचिका में चिदंबरम का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 114, 19 और 12 के तहत याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए यह याचिका दायर की जा रही है। इसके अलावा याचिकाकर्ता का अपने परिवार के साथ निजता और सम्मान के साथ रहने के अधिकार की रक्षा की जाए। इस याचिका में कांग्रेस नेता ने खुद का परिचय वरिष्ठ वकील और सांसद के तौर पर दिया है। उन्होंने वित्तमंत्री और गृहमंत्री रहते हुए अपने कामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।
अपनी याचिका में चिदंबरम का कहना है कि भाजपा शासित एनडीए सरकार आने के बाद से सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय इन दो केसों की वजह से उनके बेटे को निशाना बना रही है। उन्होंने इन एजेंसियों को उन्हें निशाना बनाने का असली एजेंडा बताने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि दोनों ही एजेंसियां उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध लेने के लिए निशाना बना रही हैं। जिसके लिए एजेंसियां अफसोसजनक खोज, लगातार समन भेजना, लंबे समय तक अनुचित रूप से पूछताछ, गैरकानूनी रूप से संलग्न सावधि जमा, दुर्भावनापूर्ण रूप से गलत सूचनाएं मीडिया में लीक कर रह रही है।
उन्होंने कहा कि इस वजह से मुझे और मेरे बेटे को पीड़ा और अपमान सहन करना पड़ रहा है। सीबीआई द्वारा एयरसेल-मैक्सिस मामले दर्ज की गई एफआईआर में ना तो उनका और ना ही उनके बेटे का नाम शामिल था। पिछले साल 15 मई को दर्ज हुए आईएनएक्स मीडिया मामले में वित्त मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों ने उनका और उनके बेटे का नाम आरोपियों में शामिल किया है।
वहीं कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ईडी के समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं शीर्ष अदालत संबंधित मामले में याचिका पर 6 मार्च को सुनवाई के लिए सहमत हो गई है। अदालत ने कार्ति को कहा कि वह इस मामले में सक्षम प्राधिकरण के समक्ष आग्रह कर सकते हैं। ईडी के समन में कार्ति को 1 मार्च को एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अमिताव रॉय और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि वे इस मामले में 6 मार्च को सुनवाई करेगी। कार्ति की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल अदालत में मौजूद थे।
सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती देने के संबंध में समुचित तरीके से आवेदन करने के लिए अदालत से समय मांगा। मालूम हो कि आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड से विदेशों से फंड प्राप्त करने में क्लीयरेंस संबंधी मामले में कथित रूप से अनियमितता का आरोप है। इस संबंध में पिछले साल 15 मई को मामला दर्ज किया गया था।