देश के दूसरे अंतर्राष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल के दूसरे दिन चंबल सफारी जरार में संकट में पड़ी तमाम चिड़ियों की चंबल में मौजूदगी को सुखद बताते हुए उनके संरक्षण पर मंथन किया गया। पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि चिड़ियों के संकट में पड़ने के कारण जानने के साथ ही उन्हें बचाने के उपाय खोजने होंगे। दुनिया भर के बर्ड वाचर के लिए पहली पसंद बनी चंबल को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जायेगा।
यूपी के प्रबंध वन निदेशक एसके उपाध्याय ने बताया कि बर्ड वाचर और विशेषज्ञों ने चंबल में दिलचस्पी दिखायी है। अब चंबल को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जायेगा। आगरा का ताजमहल और इटावा की लायन सफारी आने वाले पर्यटक यूपी के ग्रीन पथ के जरिए चंबल की चिड़ियों, घड़ियालों मगरमच्छों और डाल्फिन को देखने आएंगे। इसके लिए संसाधन जुटाए जाएंगे।