देवी-देवताओं के प्रसन्न करने के नाम पर निरीह जानवरों की बलि देने की कुप्रथा के खिलाफ देशभर में आवाज उठ रही है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और नेपाल के कई मंदिरों में इसे बंद भी कर दिया गया है, लेकिन यूपी के मैनपुरी जिले के गांव जरा नगला पचैना में सोमवार देरशाम को पशु बलि दे दी गई।
मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित गांव जरा नगला पचैना में यह कुप्रथा सालों से जारी है। अंधविश्वास के मारे ग्रामीणों को लगता है कि यदि इसे बंद किया गया तो गांव में अनिष्ट हो जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी आषाढ़ी पूर्णमासी पर पशु बलि देने की तैयारी कई दिनों से चल रही थी।