अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कनेक्शन में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे को आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) से क्लीन चिट मिल गई है। एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने दाऊद से खडसे की बातचीत मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग खारिज कर दी है। इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 30 करोड़ रुपये के रिश्वत मामले में उन्हें क्लीन चिट दी थी। दो दिन के भीतर खडसे के लिए दोहरी राहत की खबर है।
सोमवार को एटीएस ने अपनी जांच रिपोर्ट बांबे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नरेश पाटिल और न्यायमूर्ति प्रकाश नाईक की खंडपीठ के सामने पेश की, जिसमें कहा गया है कि माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम से एकनाथ खडसे के बीच किसी भी तरह की बातचीत के दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
एटीएस अपनी जांच रिपोर्ट साइबर सेल को भी सौंपेगी
एटीएस की ओर से खंडपीठ को आश्वस्त किया गया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और एटीएस अपनी जांच रिपोर्ट साइबर सेल को भी सौंपेगी। दूसरी ओर यह भी आरोप लगाया गया कि याचिकाकर्ता हमें जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। सूबे के पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे पर आरोप लगा था कि उनके मोबाइल फोन पर दाऊद के कराची स्थित घर से फोन आते हैं।
खडसे के गृह जिला जलगांव के मनीष भोगले ने पाकिस्तानी टेलिफोन डॉटा हैक कर इसका खुलासा किया था। उसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई थी। मनीष भोगले ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सोमवार को इस पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता के वकील संदेश सावंत ने कहा कि पुलिस ने अब तक इस मामले में शिकायत तक दर्ज नहीं की है। जांच निष्पक्षता से नहीं हो रही है। याचिकाकर्ता को धमकियां मिल रही हैं। इसलिए मामले की जांच सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। वहीं, सरकारी वकील नितिन प्रधान नें अदालत को बताया कि इस मामले की जांच मुंबई पुलिस की साइबर सेल कर रही है। यदि जांच के दौरान कोई सबूत मिलता है तो मामले में शिकायत भी दर्ज की जाएगी।
हमें खुशी है कि सच सामने आया- एकनाथ खडसे
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा रखे। खंडपीठ ने प्रधान की दलीलों को रिकार्ड में लेकर याचिकाकर्ता के सुरक्षा पहलू पर विचार करने को कहा।
इससे पहले खडसे के कथित पीए गजानन पाटिल को एसीबी ने 30 करोड़ की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले में भी खडसे आरोप के घेरे में थे। उसके बाद पुणे में जमीन घोटाले का नया मामला सामने आया था। इसके चलते खडसे को मंत्रीपद से इस्तीफा देना पड़ा था। फिलहाल, एसीबी और एटीएस की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश होने के बाद खडसे को फिलहाल, आरोप से मुक्ति मिलती दिखाई दे रही है।
"हाईकोर्ट में पेश एटीएस की जांच रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम से बातचीत का कोई तथ्य नहीं मिला है। हमें खुशी है कि सच सामने आया।"
- एकनाथ खडसे