इन चैनलों पर खुद यूट्यूब व गूगल की मालिकाना कंपनी अल्फाबेट ने रोक नहीं लगाई। ताजा कार्रवाई में गुरुवार को आठ यूट्यूब चैनल ब्लॉक किए गए, जिनमें एक पाकिस्तान से चल रहा था। सरकार ने फरवरी, 2021 में जारी नए आईटी नियमों के तहत दिसंबर से यह कार्रवाई शुरू की थी।
सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए गए 102 यूट्यूब चैनल, वेबसाइट्स और सोशल मीडिया अकाउंट भारत में परमाणु बम विस्फोट और अयोध्या में उत्तर कोरिया की सेना का हमला, जैसी फर्जी खबरें फैलाते थे। इनका मकसद सांप्रदायिक नफरत पैदा करना तो था ही, साथ ही वे फर्जी खबरों से पैसा भी कमा रहे थे। कई चैनल तो पाकिस्तान से चलाए जा रहे थे।
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इन चैनलों पर खुद यूट्यूब व गूगल की मालिकाना कंपनी अल्फाबेट ने रोक नहीं लगाई। ताजा कार्रवाई में गुरुवार को आठ यूट्यूब चैनल ब्लॉक किए गए, जिनमें एक पाकिस्तान से चल रहा था। सरकार ने फरवरी, 2021 में जारी नए आईटी नियमों के तहत दिसंबर से यह कार्रवाई शुरू की थी। सूत्रों ने बताया कि इंटेलिजेंस एजेंसियां इनकी निगरानी कर रही थीं। सामने आया कि ये फर्जी चैनल आधिकारिक चैनलों व समाचार संस्थानों के लोगो लगा रहे थे, ताकि उनकी खबरें असली जैसी लगें।
पाकिस्तान से चल रहे यूट्यूब चैनल नया पाकिस्तान ग्लोबल ने फर्जी खबर दी कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने अयोध्या में सेना भेज दी है।
कवर पॉइंट चैनल ने फर्जी खबर चलाई कि भारत में परमाणु बम विस्फोट हुआ, यह पाकिस्तान और आईएसआई की जीत है।
एएम रिजवी नामक चैनल ने बताया कि अजमेर दरगाह पर सेना ने हमला कर दिया, एक अन्य फर्जी खबर में कहा कि मुसलमानों ने मंदिर में इस्लामी झंडा फहरा दिया।
एक चैनल ने फर्जी खबर दी कि भारत ने बकरा ईद के उत्सव रद्द कर दिए हैं, वहीं एक चैनल ने बताया कि तुर्की पर भारत व मिस्र ने हमला कर दिया है।
यह चिंताजनक इसलिए
सूत्रों के अनुसार, जिस प्रकार की सामग्री लोगों तक बिना किसी रोक-टोक पहुंचाई जा रही है, उससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है। इससे देश की संप्रभुता व सुरक्षा को नुकसान हो सकता है, मित्र देशों से संबंध बिगाड़ने का भी प्रयास होता है।