मंत्री आशीष शेलार ने इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार का आभार जताते हुए कहा, 'यह फैसला जनता के हित में है। सभी मुंबईवासी 2 अक्तूबर से इसका फायदा उठाएं।'
महाराष्ट्र के मुंबई उपनगरों के संरक्षक मंत्री आशीष शेलार ने गुरुवार को कहा कि शहर की 25000 से ज्यादा इमारतें, जिन्हें अब तक ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) नहीं मिला था, उन्हें जल्द ही नए सरकारी नियमों के तहत नियमित किया जाएगा। इस फैसले से लाखों मुंबईकरों को राहत मिलेगी, जो वर्षों से इन इमारतों में रह रहे हैं लेकिन तकनीकी तौर पर 'अनधिकृत निवासी' माने जाते थे।
बैठक के बाद लिया गया फैसला
आशीष शेलार ने बताया कि यह फैसला बीएमसी, शहरी विकास विभाग, राजस्व विभाग और सहकारिता विभाग की बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा, 'बीएमसी के डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन के तहत बनी इमारतें, म्हाडा, एसआरए और अन्य प्राधिकरणों की परियोजनाएं, जिनके अलग-अलग कारणों से ओसी अटके हुए थे, उन्हें अब सरल प्रक्रिया में सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।'
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इस वजह से नहीं मिल सका था ओसी?
मंत्री ने बताया कि कई बार पुराने नियमों में खामियों या बिल्डरों की गलतियों की वजह से ओसी नहीं मिल पाए। अब 2 अक्तूबर से नई नीति लागू होगी। नई नीति के तहत जिन इमारतों में निर्माण के समय तकनीकी या प्रशासनिक गलतियों, फ्लोर स्पेस में अंतर, सेटबैक इश्यूज या नियमों में बदलाव की वजह से ओसी रुका था, उन्हें राहत दी जाएगी।
रिहायशियों पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा- मंत्री
आशीष शेलार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में बिल्डरों ने अधिकारियों को जरूरी फ्लैट या जगह नहीं दी, उनमें रिहायशियों पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होगी। उन्होंने हाउसिंग सोसाइटियों से अपील की कि वे खुद आवेदन करें। पहले छह महीने में आवेदन करने पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी। लेकिन यदि इमारत में अतिरिक्त फ्लोर स्पेस इंडेक्स का इस्तेमाल हुआ है, तो उसका प्रीमियम देना होगा।