India-Afghanistan Trade: 'अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के मंत्री ने जानकारी दी कि उनके देश का वाणिज्यिक प्रतिनिधिमंडल अगले नई दिल्ली का दौरा कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा एक अरब डॉलर से और अधिक बढ़े।
अफगानिस्तान के वाणिज्य और उद्योग मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी ने सोमवार को कहा कि उनके देश के वाणिज्यिक प्रतिनिधियों के अगले महीने भारत आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि काबुल द्विपक्षीय व्यापार को एक अरब अमेरिकी डॉलर से 'कई अधिक' बढ़ाना चाहता है। अजीजी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दोनों पक्षों की निजी निवेश के मामले में 'मजबूत इच्छा' है।
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इससे पहले अजीजी ने 21 नवंबर को भारतीय व्यवसायियों को अफगानिस्तान में निवेश के लिए आमंत्रित किया और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि खनन, कृषि, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और कपड़ा उद्योग ऐसे क्षेत्र हैं, जहां व्यापारिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर मौजूद हैं। अजीजी एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पिछले हफ्ते पांच दिन की यात्रा पर नई दिल्ली आए थे।
अफगान दूतावास में मीडिया से बातचीत के दौरान अजीजी से उनके हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद सहित अन्य नेताओं से हुई बैठकों के बारे में पूछा गया। अफगान मंत्री ने हाल के फैसले पर जोर दिया, जिसके तहत भारत और अफगानिस्तान ने अपनी-अपनी राजधानियों में समर्पित वाणिज्यिक दूत नियुक्त करने का निर्णय लिया है, ताकि वर्तमान में एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार किया जा सके।
अजीजी ने निवेशकों को किया आमंत्रित
यह निर्णय अजीजी और प्रसाद के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान लिया गया था। अजीजी ने कहा कि अफगानिस्तान का वाणिज्यिक प्रतिनिधि अगले महीने नई दिल्ली आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा एक अरब अमेरिकी डॉलर से और अधिक बढ़ाना चाहता है। निवेशकों को आमंत्रित करते हुए अजीजी ने कहा कि उनकी सरकार नए क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को पांच साल तक कर (टैक्स) माफ करने के लिए तैयार है, जिसमें सोने की खदानें शामिल हैं।
नए क्षेत्रों ने निवेश करने वाली कंपनियों को नहीं देना होगा कर
एक संवाद सत्र में अजीजी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ तनाव व्यापार में बाधा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा, अफगानिस्तान में बहुत संभावनाएं मौजूद हैं। आपको यहां बहुत अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं मिलेंगे। आपको टैरिफ समर्थन मिलेगा और हम आपको जमीन भी उपलब्ध करा सकते हैं। पांच साल की कर छूट उन कंपनियों को दी जाएगी जो नए क्षेत्रों में निवेश करने में रुचि रखती हैं।