विश्व अंगदान दिवस पर सेना का खास अभियान
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इस दौरान कॉलेज की प्राचार्या ने छात्रों की उत्साही भागीदारी की सराहना करते हुए अंगदान को "निःस्वार्थ उपहार, जो किसी को जीवन का दूसरा मौका दे सकता है" बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने समुदाय में इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत करने और प्रतिभागियों व आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ। यह जानकारी रायंग सैन्य स्टेशन की ओर से जारी विज्ञप्ति में दी गई।
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विश्व अंगदान दिवस
बता दें कि हर साल
13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य अंगदान के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने के लिए प्रेरित करना है। अंगदान वह प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद या जीवनकाल में (जैसे किडनी, लिवर का हिस्सा) किसी जरूरतमंद को दान करता है। समय पर अंग उपलब्ध न होने से कई मरीजों की मृत्यु हो जाती है। एक दानदाता अपने अंगों से 8 तक लोगों का जीवन बचा सकता है। अंगदान के लिए व्यक्ति को अधिकृत केंद्र या अस्पताल में पंजीकरण कराना होता है। यह एक निःस्वार्थ, मानवता से जुड़ा कार्य है, जो समाज में जीवन की आशा जगाता है। अंगदान का संकल्प लेकर हम न केवल किसी की जिंदगी बचा सकते हैं, बल्कि अपने जाने के बाद भी दुनिया में भलाई की एक अमर छाप छोड़ सकते हैं।