इसके तहत एक गेमिंग प्राधिकरण भी बनाया जाएगा। वह ‘गेम ऑफ चांस’ की पहचान करेगा। इसे ही जुआ कहा गया है। स्थानीय ऑनलाइन गेम्स का पंजीकरण भी करेगा। साथ में राज्य में खेले जा रहे ऑनलाइन गेम्स पर नजर रखेगा।
तमिलनाडु में ऑनलाइन जुआ खेलने पर प्रतिबंध और ऑनलाइन गेम्स पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने अध्यादेश जारी किया। इसके तहत एक गेमिंग प्राधिकरण भी बनाया जाएगा। राज्यपाल आरएन रवि द्वारा औपचारिक रूप से इसे 1 अक्तूबर से लागू किया गया। अध्यादेश के अनुसार ऑनलाइन जुए और गेम्स की वजह से परिवार बर्बाद हो रहे हैं इसलिए इन पर नियंत्रण की जरूरत है।
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प्राधिकरण का काम
वह ‘गेम ऑफ चांस’ की पहचान करेगा। इसे ही जुआ कहा गया है। स्थानीय ऑनलाइन गेम्स का पंजीकरण भी करेगा। साथ में राज्य में खेले जा रहे ऑनलाइन गेम्स पर नजर रखेगा।
बैंकों को निर्देश
कोई भी बैंक, वित्तीय संस्थान या पेमेंट गेटवे प्रदाता ऑनलाइन जुए के लिए भुगतान प्रणाली मुहैया नहीं करवा सकेगा। राज्य में जुए पर आधारित गेम जिओ-ब्लॉक रहेंगे, यानी राज्य के क्षेत्र में इनका उपयोग नहीं होगा।
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सजा और जुर्माना
ऑनलाइन जुआ खेलते मिलने पर यूजर्स को 3 महीने की जेल व 5 हजार जुर्माने, इनका विज्ञापन करने वालों को 1 साल की जेल व 5 लाख जुर्माने और ऑनलाइन जुआ खेलने का प्लेटफॉर्म बनाने वालों को 3 साल की जेल व 10 लाख जुर्माने की सजाएं दी जाएंगी।