सरकार के स्पष्ट आदेश के बावजूद ट्रेड यूनियन नेता इसके लागू हो पाने को लेकर शंका जता रहे हैं। देश की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष बैजनाथ राय का कहना है कि इस तरह के कई आदेश पहले भी जारी हुए लेकिन लागू नहीं किए गए।
चूंकि अब सरकार ने ग्रुप सी और डी की अधिकतर नौकरियां निजी ठेकेदारों को आउटसोर्स कर दी हैं, ऐसे में आदेश को लागू करा पाना सबसे बड़ी चुनौती है। सीटू नेता तपन रॉय का कहना है कि यह केवल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए है, इसीलिए डीओपीटी द्वारा जारी किया गया है। यदि श्रम मंत्रालय ने जारी किया होता तो सभी कर्मचारियों के लिए होता। उन्होंने भी इसके लागू होने पर संदेह प्रकट किया।