संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन से जारी हंगामे से आजिज भाजपा सांसद ने गुरूवार को लोकसभा में हल निकालने के लिए कुश्ती कराने का प्रस्ताव रखा। प्रश्नकाल के दौरान भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के इस आशय के प्रस्ताव से पूरा सदन हंसते हंसते लोटपोट हो गया।
दौरान सांसद ने अपने सहकर्मियों को कुश्ती का दांवपेंच सिखाने की भी इच्छा जाहिर कर डाली और दावा किया कि दुनिया का कोई सांसद उन्हें हरा नहीं सकता। जवाब में खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा कि इस समय सवाल खेलों में कुश्ती का है राजनीति में नहीं।
दरअसल बीते दिनों की तरह ही प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य वेल में हंगामा कर रहे थे और इसी दौरान सांसदों-मंत्रियों के बीच सवाल-जवाब का दौर भी चल रहा है। इसी क्रम में पूरक प्रश्न पूछने की बारी वीरेंद्र की आई। सवाल पूछते पूछते सांसद अचानक नाराज हो गए। उन्हौंने कहा कि मैं पहलवान और किसान दोनों हूं।
आज भी खुद पर भरोसा है कि दुनिया का कोई सांसद उन्हें पहलवानी में नहीं हरा सकता। स्पीकर अगर इजाजत दें तो जो लोग हफ्ते भर से संसद नहीं चलने दे रहे मैं उन्हें इसी समय कुश्ती लड़ना सिखा दूं। सांसद ने लगे हाथ खेल मंत्री से अंतर संसदीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयेजन कराने की भी अपील की। सांसद ने कहा कि इससे हल्ला करने वालों को भी पता चल जाएगा।
जवाब में खेल मंत्री विजय गोयल भी चुटकी लेने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि यह सवाल खेलों में कुश्ती का है, राजनीति में कुश्ती का नहीं। गौरतलब है कि इससे पूर्व इसी सांसद ने कांग्रेस अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर सियासी भूचाल खड़ा कर दिया था। तब सरकार को टिप्पणी पर खेद जताना पड़ा था।