पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के सांसदों और दूसरे नेताओं के रिश्वत लेने के मामले की जांच लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की ओर से सदन की एथिक्स कमेटी को सौंपने के फैसले के बाद विपक्ष ने सूबे की सरकार पर दबाव बनाया है।
विभिन्न दलों की ओर से बुधवार को भी पूरे राज्य में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा। बुधवार को कोलकाता नगर निगम के अंतरिम बजट अधिवेशन के दौरान भी विपक्ष ने मेयर शोभन चटर्जी के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। इस मुद्दे पर तृणमूल और विपक्षी दलों के पार्षदों में काफी बहस हुई। मालूम हो कि वीडियो में मेयर भी पैसे लेते नजर आ रहे हैं।
संसद में चले विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने मामले की जांच संसद की एथिक्स कमेटी को सौंप दिया। इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने भी मंगलवार को यहां स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो की जांच का भरोसा दिया था।
इसके बाद माकपा नेता सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के फैसले से साफ है कि इस मामले में सच्चाई है। ऐसे में जांच की रिपोर्ट नहीं आने तक तृणमूल के दोषी सांसदों को संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोक दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर शुरू से ही प्रदर्शन करने वाली भाजपा ने बुधवार को भी सरकार के इस्तीफे की मांग उठाई है।