राज्यसभा में मंगलवार को हंगामे के बाद विपक्ष ने सदन का बहिष्कार कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हें राज्यसभा चेयरमैन ने बोलने का मौका नहीं दिया। विपक्ष का कहना है कि वह मुद्दों पर बात करना चाहते थे लेकिन उन्हें बार-बार रोका गया इसके चलते उन्होंने सदन से बाहर जाना ही बेहतर समझा। वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि विभिन्न स्थानों से आने वाले प्रतिनिधियों को राज्यसभा में बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है यह कैसा लोकतंत्र है।
बता दें कि कल राज्यसभा में
अमित शाह का पहला भाषण था इस दौरान भी काफी गहमागहमी रही। अमित शाह के भाषण के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने उन्हीं की भाषा में उन्हें जवाब दिया था। गुलाम नबी आजाद ने सरकार द्वारा गिनाई जा रही उपलब्धियों को सिरे से खारिज करके उस पर जनता से झूठे वादे करने, जुमला गढ़ने, सपने दिखाने का आरोप लगाया।
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह सरकार कोई क्रांतिकारी काम नहीं कर रही है। यह गेम चेंजर (खेल पलटने वाली) नहीं बल्कि नेम चेंजर (नाम बदलने वाली) है। आजाद ने प्रधानमंत्री के न्यू इंडिया को नकारते हुए कहा कि हमें और देश को यह न्यू इंडिया नहीं चाहिए, हमें आप हमारा पुराना भारत लौटा दो।