गोवा और मणिपुर में भाजपा के सरकार बनाने के मुद्दे पर राज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस के विरोध से समाजवादी पार्टी और जनता दल युनाइटेड समेत कई विपक्षी दलों ने दूरी बना ली। साथ ही कांग्रेस के विरोध के चलते जेएनयू में दलित छात्र की आत्महत्या का मामला नहीं उठा पाने को लेकर जदयू नेता शरद यादव और सपा के नेताओं ने रोष भी जताया।
उत्तर प्रदेश में हार के बाद समाजवादी पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ हंगामे में भाग नहीं ले रही है। बुधवार को कांग्रेस ने गोवा और मणिपुर में भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। उस समय जदयू नेता अली अनवर और भाकपा नेता डी राजा ने जेएनयू में दलित छात्र की आत्महत्या का मामला उठाने के लिए नोटिस दिया था।
आनंद शर्मा ने सदन के उपसभापति पीजे कुरियन की अनुमति के बाद इस मसले पर मोदी सरकार का विरोध किया। उसके बाद गुलाम नबी आजाद ने बोलना चाहा। मगर जदयू नेता शरद यादव और सपा नेताओं ने कहा कि पहले जेएनयू का मामला उठाने दिया जाये। इसके बाद आजाद को बैठना पड़ा। भाकपा के डी राजा ने मोदी सरकार के राज में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दलितों के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाया।