नोटबंदी के बाद कांग्रेस समेत 16 विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर आयकर संशोधित बल को संसद से पास कराने के सरकार के तौर तरीकों पर सवाल उठाया। विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है। बिना चर्चा के बिल को पास कराया गया। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति को इस मुद्दे पर ज्ञापन भी सौंपा। तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रपति से इस मसले पर हस्तक्षेप की मांग की।
वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, हमने राष्ट्रपति से शिकायत की है। लोगों में डर है। नोटबंदी के बाद सरकार आयकर संशोधित बिल लायी है। बिना चर्चा के बिल को पास कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री संसद में कम और बाहर ज्यादा बोल रहे हैं। 16 विपक्षी पार्टियों में सपा, बसपा, वामदल, तृणमूल कांग्रेस, राजद, जदयू, अन्नाद्रमुक समेत कई विपक्षी दल शामिल थे। सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि संसद के नियमों को ताक पर रखकर बिल को जबरन पास कराया गया। राज्यसभा में भी मनी बिल के तौर पर लाकर उच्च सदन को नजरअंदाज किया गया।