विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ भी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की तर्ज पर अविश्वास प्रस्ताव लाया है। वाजपेयी अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ हुई वोटिंग में तो जीत गए थे, लेकिन कुछ महीने बाद 2004 में हुए चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
मोदी सरकार संख्याबल के दम पर अविश्वास प्रस्ताव तो जीत लेगी, लेकिन पीएम के सामने कुछ ही महीने में होने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव, 2019 में पार्टी को जीत दिलाने की चुनौती होगी। 2003 में अटल सरकार के चार साल पूरे होने के बाद कांग्रेस विपक्ष के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाई थी।
राजग के पास 2003 में पर्याप्त संख्याबल था और आज भी है। 2003 में वाजपेयी सरकार को 312 वोट मिले थे, जबकि विपक्ष 186 वोटों पर सिमट गया था। हालांकि, इसके बाद लोकसभा चुनाव, 2004 में संप्रग ने केंद्र सरकार बनाई थी। देखना होगा कि 2004 का इतिहास दोहराया जाता है या मोदी 2019 में फिर राजग सरकार बनाकर नया इतिहास लिखेंगे।