विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार के आवास पर मुलाकात और बैठक की। इस दौरान विपक्षी दलों के नेताओं ने उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव पर चर्चा की। इसके साथ ही इन नेताओं ने उप राष्ट्रपति पद की अपनी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के लिए संयुक्त रणनीति भी तैयार की। इस दौरान बैठक में मार्गरेट अल्वा भी विपक्षी नेताओं की बैठक में मौजूद रही।
शरद पवार ने किया ट्वीट
बैठक के बाद शरद पवार ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि 'अगस्त 2022 में होने वाले आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा के लिए आज शाम मेरे नई दिल्ली स्थित आवास पर संयुक्त विपक्षी दलों के नेताओं की एक बैठक हुई।'
17 दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस की दिग्गज नेता मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था। मार्गरेट अल्वा मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। नामांकन के दौरान उनके साथ कई विपक्षी नेता भी होंगे।
बैठक में ये नेता रहे मौजूद
शरद पवार के आवास पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में मौजूद अन्य लोगों में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश, माकपा नेता सीताराम येचुरी और एलाराम करीम, भाकपा नेता डी राजा और बिनॉय विश्वम, राकांपा की सुप्रिया सुले और प्रफुल पटेल, एमडीएमके वाइको, डीएमके के कनिमोझी, एसपी राम गोपाल यादव और एन के प्रेमचंद्रन शामिल थे।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर साधा निशाना
बैठक के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मार्गरेट अल्वा एक बेहतरीन उम्मीदवार हैं। 1974 से वो लगातार राजनीति में हैं। वो 5 बार सांसद, 4 राज्यों की राज्यपाल, केंद्र में मंत्री रह चुकी हैं और ईसाई अल्पसंख्यक हैं, तो इससे अच्छा और क्या होगा। 18 पार्टी मिलकर उनका समर्थन करेगी।
इस दौरान जीएसटी वृद्धि को लेकर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम कल लड़ेंगे। गांधी प्रतिमा के नीचे और सदन के अंदर और बाहर भी इसका विरोध करेंगे। उन्होंने बताया कि हमने सभी दलों से मूल्य वृद्धि, जीएसटी वृद्धि के खिलाफ लड़ने की अपील की है।
राजनीति में जीत और हार का मुद्दा नहीं
इसी बीच विपक्ष से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने कहा कि मैं कल नामांकन दाखिल करूंगी और एनडीए के खिलाफ लड़ूंगी। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पता है कि यह एक कठिन लड़ाई है, लेकिन राजनीति में जीत और हार का मुद्दा नहीं है। मुद्दा लड़ाई लड़ रहा है...मैं सभी नेताओं को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया है।
गौरतलब है कि वर्तमान उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। उनके उत्तराधिकारी का चुनाव करने के लिए उपराष्ट्रपति का चुनाव 6 अगस्त को होगा। इससे पहले राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को अपने आवास पर उपसभापति हरिवंश और राज्यसभा के उपाध्यक्षों के नवनियुक्त पैनल से मुलाकात की।