राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के लिए विपक्ष तैयार हो गया है। राष्ट्रपति अभिभाषण की समय सीमा दस घंटे से बढ़ाकर पन्द्रह घंटे किए जाने और उन पांच घंटों में किसानों पर चर्चा के विपक्ष के प्रस्ताव पर सभापति एम.वैंकेया नायडू ने सहमति जताई है।
राज्यसभा में गतिरोध को समाप्त करने के लिए सभापति ने विपक्षी दलों के साथ बैठक की। बैठक के संबंध में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सदन में बताया कि 18-19 दलों के नेताओं के साथ हुई चर्चा में सरकार की ओर से बताया गया कि राष्ट्रपति अभिभाषण के पहले कोई और बिजनेस नहीं लिया जाता है।
आजाद ने कहा कि हम समझते हैं कि ऐसा शायद पहले भी नहीं हुआ है। लिहाजा हम सब विपक्षी दलों ने मिलकर तय किया है कि किसानों के मुद्दे पर चर्चा के लिए जो पांच घंटे का समय मिलना था उसे अभिभाषण में जोड़ दिया जाए। ऐसा होने से अभिभाषण पर चर्चा के दौरान ही पांच घंटे किसानों के मुद्दों पर भी चर्चा होगी। उन्होंने विपक्ष की मांग मानने के लिए सरकार को धन्यवाद किया।
दरअसल राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीनों कृषि कानून, 26 जनवरी पर लाल किले की घटना का जिक्त्रस् भी किया था। यही कारण है कि विपक्ष को अभिभाषण की चर्चा के दौरान ही किसानों पर अपनी बात रखने का मौका दिया गया है।