फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

INDIA Meeting: संयोजक को ही पीएम पद का दावेदार न मान लिया जाए, इसलिए बैठक में नहीं बनी सहमति

Sat, 02 Sep 2023 06:08 AM IST
जलज मिश्रा सुरेंद्र मिश्र, मुंबई

सार

विपक्षी गठबंधन की बैठक से पहले कहा जा रहा था कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एजेंडा सेट किया जाएगा और सीटों के बंटवारे पर ठोस चर्चा होगी। उम्मीद थी कि बैठक में संयोजक का नाम तय होगा।
विज्ञापन
Opposition Alliance. - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र की मोदी सरकार को हटाने के लिए एकजुट विपक्षी पार्टियों के गठबंधन की बैठक में संयोजक और लोगों पर आम सहमति नहीं बन सकी। दरअसल संयोजक को ही पीएम पद का दावेदार न मान लिया जाए इसलिए गठबंधन के नेता किसी एक दल के नेता को संयोजक नहीं बनाना चाहते। हालांकि सभी दलों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का दंभ भरा लेकिन यह तय नहीं हो पाया कि परस्पर विरोधी दलों के बीच सीटों के बंटवारे का फार्मूला क्या होगा।

विपक्षी गठबंधन की बैठक से पहले कहा जा रहा था कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एजेंडा सेट किया जाएगा और सीटों के बंटवारे पर ठोस चर्चा होगी। उम्मीद थी कि बैठक में संयोजक का नाम तय होगा। उसके साथ कुछ और नाम जोड़े जाएंगे लेकिन ऐसा हो नहीं सका। अंदरखाने खबर है कि विपक्षी गठबंधन के नेता नहीं चाहते कि किसी एक दल के नेता को संयोजक बनाया जाए। माना जा रहा है कि विपक्षी गठबंधन का संयोजक ही प्रधानमंत्री पद का दावेदार माना जाएगा, इसलिए किसी एक नाम पर सहमति ही नहीं बन सकी। उधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने संकेत दिए कि विपक्षी गठबंधन का कोई एक नेता, चेहरा नहीं होगा बल्कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम को ही आगे रखकर चुनाव लड़ा जाएगा।

विज्ञापन


प्रेस कॉन्फ्रेंस से ममता रहीं दूर

विज्ञापन

इसके अलावा गठबंधन इंडिया के लोगो पर भी आम राय नहीं बन पाई। कहा गया कि जब सभी पार्टियों के पास अपना झंडा और चिह्न है तो लोगो की क्या जरूरत है। इस वजह से लोगो के अनावरण का फैसला टालना पड़ा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गठबंधन की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुई। इस दौरान उद्धव ठाकरे से लेकर शरद पवार, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव ने जमकर मोदी सरकार पर तीर चलाए लेकिन पत्रकारों को सवाल नहीं करने दिया गया।

विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें