यूपी की गोरखपुर और फूलपुर सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को हराने के बाद सपा और बसपा के पास दो और सीट जीतने का मौका है। आने वाले पांच महीनों में कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट पर चुनाव होने वाले हैं। बीजेपी सांसद हुकुम सिंह और विधायक लोकेंद्र सिंह के निधन के बाद से ये सीटें खाली हैं।
सूत्रों के मुताबिक दोनों पार्टियों की साझेदारी बीजेपी को 2019 में कड़ी टक्कर दे सकती हैं। संभावना इस बात की है कि बसपा कैराना में अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं करेगी। हालांकि कैराना में जो भी जीतेगा, उसे कुछ समय तक ही सांसद बने रहने का मौका मिलेगा, वहीं नूरपुर जीतने वाले उम्मीदवार को 3 साल तक विधायक बनने का मौका मिलेगा।
यूपी के राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि मायावती चाहती हैं कि राज्यसभा में उनके उम्मीदवार को समर्थन मिले, अगर ऐसा होता है तो वो कैराना में सपा के उम्मीदवार को समर्थन देंगी। बता दें कि कैराना जाट बाहुल्य इलाका है जिस पर 2009 से पहले अजीत सिंह की पार्टी का कब्जा था।
2009 में बसपा की तब्बसुम बेगम ने हुकुम सिंह को 20 हजार वोटों से हराया था, जिसके बाद हुकुम सिंह बीजेपी में शामिल हो गए थे। आपको बता दें कि सपा भी उपचुनावों में बसपा को सपोर्ट करना चाहती है। सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि पार्टी ने अभी तक कैराना और नूरपुर सीट पर कोई फैसला नहीं लिया है लेकिन यह निश्चित है कि हम इन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।