फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑपरेशन कमल: सीएम बीएस येदियुरप्पा को झटका, कर्नाटक हाईकोर्ट ने दी जांच की अनुमति

Thu, 01 Apr 2021 12:07 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

  • सीएम येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव ने खुदकुशी की कोशिश की थी।
  • सचिव संतोष ने राज्य में ऑपरेशन कमल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विज्ञापन
बीएस येदियुरप्पा - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑपरेशन कमल कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा की गले की फांस बन गया है। अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऑपरेशन कमला से जुड़े मामले में सीएम बीएस येदियुरप्पा और उनके पूर्व मीडिया सलाहकार एमबी मारमकल के खिलाफ जांच की अनुमति दे दी है।

विज्ञापन

 

सीएम येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव ने की थी खुदकुशी की कोशिश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव एनआर संतोष ने नींद की गोली खाकर जान देने की कोशिश की थी। उन्हें बंगलूरू के रमैया मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

विज्ञापन

सचिव संतोष सीएम येदियुरप्पा के करीबी समझे जाते हैं। बताया जाता है कि उन्होंने राज्य में ऑपरेशन कमल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। संतोष को इस साल मई में येदियुरप्पा के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था।

क्या है ऑपरेशन कमल 
ऑपरेशन कमल की शुरुआत भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने ही की थी। दरअसल 2008 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बीएस येदियुरप्पा की अगुआई में सबसे अधिक 110 सीटों पर कब्जा जमाया, लेकिन बहुमत से तीन सीट दूर रह गई। ऐसे में येदियुरप्पा 6 निर्दलीय विधायकों की मदद से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे।
विज्ञापन


लेकिन इसके बाद सदन में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए येदियुरप्पा ने 'ऑपरेशन कमल' चलाया जिसके अंतर्गत विपक्षी विधायकों को तोड़ने के लिए धनबल का इस्तेमाल किया गया। फिर सदन में भाजपा के विधायकों की संख्या 124 तक पहुंच गई। 'ऑपरेशन कमल' की बदौलत ही 2008 में मुश्किल से सत्ता में आई भाजपा पांच साल तक कर्नाटक में कायम रह सकी।



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें