साइबर अपराध के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के ऑपरेशन चक्र-2 में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। भारत में मौजूद साइबर अपराधियों ने सिंगापुर के 300 नागरिकों को चूना लगाया है। इसमें संदिग्ध चीनी नागरिक की संलिप्तता का संदेह जताया गया है और उसकी भूमिका की जांच जारी है।
सीबीआई ने इंटरपोल के जरिये सिंगापुर सरकार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई का खाका तैयार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) हरकत में आई।
एजेंसी ने आई4सी के द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर दूसरी एफआईआर दर्ज की है। इन दोनों एफआईआर के आधार पर ऑपरेशन चक्र 2 को अंजाम दिया गया। सीबीआई की सघन कार्रवाई जारी है।
इस गिरोह में देश के अपराधी शामिल हैं जो निवेश, आसान कर्ज, नौकरी के नाम पर लोगों को फंसा रहे हैं। इनके काम करने की पूरी प्रणाली इतनी जटिल है कि व्यवसायिक एजेंसियों को भी तह तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
पार्ट टाइम नौकरी और अन्य सुविधाओं का देते हैं झांसा
सीबीआई के मुताबिक, अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफार्म और उसके प्रचार पोर्टल का इस्तेमाल कर इनक्रिप्टेड चैट सामग्री और एसएमएस से लोगों को लालच देते हैं। इसमें पोंजी स्कीम और मार्केटिंग के जरिये पार्ट टाइम नौकरी और अन्य सुविधाओं का झांसा दिया जाता है। इसके लिए फिंशिंग, विशिंग, स्मीशिंग जैसे तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कई स्तर पर तैयार की गई जटिल यूपीआई तकनीक से पैसे का लेनदेन करते हैं।