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मेजर जनरल गौरव बग्गा बोले: ऑपरेशन सिंदूर ने सेना को दिया प्रणालियों को परखने का मौका, साबित हुई आत्मनिर्भरता

Mon, 28 Jul 2025 09:50 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।

सार

मेजर जनरल गौरव बग्गा ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय सेना ने 'आकाश' और 'ब्रह्मोस' मिसाइलों का पहली बार सफल प्रयोग किया, जिससे देश की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता साबित हुई। यह अभियान 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के जवाब में 7 मई को शुरू हुआ था और इसमें पीओके और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर 102 आतंकियों को मार गिराया गया।
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बहावलपुर में भारतीय हमले में तबाह आतंकी ठिकाना - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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'ऑपरेशन सिंदूर' ने सशस्त्र बलों को कई रक्षा प्रणालियों की जांच करने का मौका दिया, जिससे देश की ‘आत्मनिर्भरता’ साबित हुई। यह बात सोमवार को गोल्डन कटार डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल गौरव बग्गा ने कही।

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22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।

गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में मेजर जनरल बग्गा ने ऑपरेशन सिंदूर पर बताया कि इस कार्रवाई में जिन नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया था, वे सभी आतंकियों के कमांड और कंट्रोल सेंटर थे। इनमें से सात ठिकानों को भारतीय सेना ने और दो को भारतीय वायुसेना ने सटीक हमलों में तबाह किया। इस ऑपरेशन में कुल 102 आतंकियों को मार गिराया गया।
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उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में देश की आत्मनिर्भरता साबित हुई। कई ऐसी रक्षा प्रणालियां जो पहले कभी वास्तविक परिस्थितियों में परखी नहीं गई थीं, उन्हें आजमाया गया। उन्होंने उदाहरण दिया कि 'आकाश' मिसाइल प्रणाली बनाई तो गई थी, लेकिन कभी वास्तविक अभियान में नहीं परखी गई थी। इस ऑपरेशन में यह सफल रही।

उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल जो रूस के साथ मिलकर बनाई गई है, उसे भी पहली बार हमारी परिस्थितियों में आजमाया गया। एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा गया था, लेकिन कभी इस्तेमाल नहीं हुआ। इसे भी तैनात किया गया और परखा गया। इस ऑपरेशन का हिस्सा रहे बग्गा ने कहा कि कई ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम जो परीक्षण की स्थिति में थे, उन्हें भी इस दौरान परखा गया।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सशस्त्र बलों पर एक बहुत सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह अभियान न केवल सैन्य दृष्टि से अहम था, बल्कि इसने पूरे देश को एकजुट किया और दिखाया कि हमारी सेना कितनी मजबूत है।

मेजर जनरल बग्गा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी खत्म नहीं हुआ है, यह जारी है। सरकार ने घोषणा की है कि अब कोई भी आतंकवादी हमला युद्ध की तरह माना जाएगा। उन्होंने कहा, अगर आज कुछ होता है, तो उसका जवाब जरूर दिया जाएगा। पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए बग्गा ने कहा कि जब भी पाकिस्तान के भीतर उथल-पुथल होती है, तब उसकी सेना भारत में अशांति फैलाने की कोशिश करती है।

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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश है, जहां सेना देश की मालिक है। बग्गा ने कहा कि चाहे लोकतंत्र हो या न हो, पाकिस्तान में सेना ही देश चलाती है। उनकी पूरी कहानी और अस्तित्व भारत-विरोधी भावना पर टिका है। वरना पाकिस्तानी लोग खुद सवाल पूछने लगेंगे कि सेना की जरूरत क्या है। इसलिए वह भारत में परेशानी पैदा करता रहता है, ताकि उनकी सेना पाकिस्तान में प्रासंगिक बनी रहे।

उन्होंने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया, जबकि पाकिस्तान की सेना ने धार्मिक स्थलों, सैन्य ठिकानों और अन्य सामान्य जगहों पर हमला करना शुरू कर दिया। बग्गा ने बताया कि भारत की एयर डिफेंस सिस्टम की वजह से पाकिस्तान भारत के किसी भी सैन्य ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा सका।

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