देश की आर्थिक व्यवस्था में सर्जिकल स्ट्राइक बताए जा रहे पीएम मोदी के नोट बैन के कदम की जहां हर ओर तारीफ हो रही है, तो आलोचना भी कम नहीं हो रही है। विपक्ष सरकार पर इसका राजनीतिक लाभ लेने का आरोप भी लगाने लगा है। इसी बीच बीजेपी के साथ गठबंधन में शामिल शिवसेना ने नोट बैन के फैसले पर पीएम मोदी को घेरा है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि पीएम का नोट बैन का फैसला जल्दबाजी में लिया गया है। जनता को अफरा-तफरी से बचाने के लिए और विकल्प दिए जाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी की यह फैसला आम आदमी के पक्ष में नहीं है।
मुलायम-मायावती तो पहले से ही इस फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस में अब तक सरकार के फैसले को लेकर उहापोह की स्थिति बनी थी। कोई फैसले के साथ खड़ा था तो कोई मोदी के फैसले को तुगलकी बता रहा था। लेकिन आज पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कांग्रेस का स्टैंड क्लियर किया। उन्होंने पीएम मोदी के नोट बैन के फैसले को गलत ठहराया।
वहीं, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक ब्रांच का रुख किया। राहुल के लोगों के बीच देख पत्रकारों ने उनसे सवाल किए तो वे नाराज हो गए। राहुल ने कहा कि वे 4000 रुपए बदलने आए थे, लेकिन उन्हें लाइन से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार से इस फैसले से जनता परेशान है।
Inconvenience caused to ppl by sudden decision, which should have been made with taking people into confidence: Uddhav Thackeray #BlackMoney
— ANI (@ANI_news) November 11, 2016
This initiative taken by Govt is not in public interest, because only normal people are suffering from this hasty decision: Uddhav Thackeray
— ANI (@ANI_news) November 11, 2016