गीता जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सामूहिक गीता पाठ किया जाएगा। अखिल भारतीय संस्कृत परिषद और मोतीलाल भारत तीर्थ सेवा मिशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एक साथ एक लाख से अधिक लोग गीता पाठ करेंगे। कार्यक्रम में हिस्से लेने के लिए देश और दुनिया से 300 से अधिक संत कोलकाता पहुंचने की संभावना है। हालांकि, कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में आने वाले थे, लेकिन अब वह नहीं आएंगे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन कर रहे हैं अप्लाई
स्वामी निर्गुणानंद का कहना है कि गीता पाठ में शामिल होने के लिए भक्त और लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन एप्लाई कर रहे हैं, जो लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन अप्लाई नहीं कर रहे हैं, उनको कहा गया है कि वे सीधे कार्यक्रम स्थल पर सुबह-सुबह पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को गीता पाठ का हिस्सा बनाएंगे। उन्होंने कहा, अब तक हम एक लाख के करीब पहुंच चुके हैं।
गीता पाठ समिति के अध्यक्ष कार्तिक महाराज ने बताया कि यह देश में पहली बार है। हमारी नजर गिनीज रिकॉर्ड पर है, यहां उनके अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कोलकाता राज्य की राजधानी है। हमने ब्रिगेड परेड ग्राउंड को चुना, जहां हम पांच हजार लोगों की क्षमता वाले 20 ब्लॉक बनाएंगे। उल्लेखनीय है कि 'अखिल भारतीय संस्कृत परिषद और मोतीलाल भारत तीर्थ सेवा मिशन द्वारा आयोजित और सनातन संस्कृति मंच के नेतृत्व में, आयोजकों ने जुलाई में इस कार्यक्रम की मेजबानी की तैयारी शुरू कर दी थीं।
द्वारका के शंकराचार्य पहुंचे कोलकाता, भक्तों को पहुंचना जारी
इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी, शंकराचार्य और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के साथ-साथ कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, सांसद, विधायक, निदेशक और शैक्षणिक संस्थानों के कुलपतियों को आमंत्रण पत्र भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक द्वारका के शंकराचार्य कोलकाता पहुंच गए हैं हालांकि पीएम मोदी नहीं आ रहे हैं। कार्यक्रम में हिस्से लेने के लिए देश और दुनिया से 300 से अधिक संत कोलकाता पहुंचने की संभावना है।
सुबह नौ बजे से शुरू होगा कार्यक्रम
कार्यक्रम रविवार सुबह नौ बजे शुरू होगा। इस दौरान गीता पाठ से पहले पचास हजार से अधिक महिलाएं सामूहिक रूप से शंखध्वनि करेंगी। इसके बाद सामूहिक गीता पाठ किया जाएगा। गीता पाठ की शुरुआत में और अंत में बंगाल के प्रसिद्ध कवि नजरूल इस्लाम का जगप्रसिद्ध गीत गाया जाएगा।