पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों को लगाया गया है। पूरा देश चुनावी माहौल में डूबा हुआ है। इस बीच, पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने पाकिस्तान संसदीय चुनाव 2024 और चुनाव से पहले भारत-पाकिस्तान के संबंधों पर पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह चुनाव न केवल सबसे अधिक अनुमानित हैं, बल्कि धांधली से भरे हुए हैं।
सबसे ज्यादा धांधली
अजय बिसारिया ने कहा कि आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव सबसे अधिक अनुमानित है और इनमें सबसे ज्यादा धांधली भी है। पाकिस्तान से आने वाले बयानों को आप देख सकते हैं। इनसे साफ है कि वहां के लोगों को नतीजे पहले से ही स्पष्ट हैं। इतना ही नहीं, सेना चुनाव से पहले बदलाव करने में जुटी है ताकि वह सरकार बना सके।
यह पार्टी जीत सकती है
उन्होंने आगे कहा, 'उम्मीद जताई जा रही है कि नवाज शरीफ और उनकी पीएमएलएन पार्टी की जीत होगी। मुझे लगता है कि इसकी बड़े स्तर पर उम्मीद है और जो काफी सही भी है।'
बलूचिस्तान में यह हो चुकी हैं घटनाएं
वहीं, चुनाव को देखते हुए देश में हिंसा बढ़ गई है। प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) से जुड़े आतंकवादियों ने पिछले सप्ताह माछ जेल के कैदियों को छुड़ाने के लिए माछ और कोलपुर शहरों में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा बलों ने उनकी कोशिश को विफल कर दिया था। हालांकि, अभियान के दौरान चार सुरक्षाकर्मी, दो नागरिक और कम से कम 24 आतंकवादी मारे गए।
बलूचिस्तान में चुनावी हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं। जनवरी में बलूचिस्तान के सिबी शहर में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की पार्टी की रैली में हुए बम विस्फोट में चार लोग मारे गए थे और छह अन्य घायल हो गए थे।
सुरक्षा चुनौतियों को लेकर चिंता
बलूचिस्तान के गृह मंत्री जुबैर जमाली ने हाल ही में प्रांत में चुनाव के दौरान संभावित सुरक्षा चुनौतियों के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों, प्रतिष्ठानों, सरकारी कर्मचारियों और नागरिकों पर हमले की कोशिश के मद्देनजर मतदान के दिन सुरक्षा बहुत कड़ी होगी। वहीं, उन्होंने बताया था कि बलूचिस्तान में कुल 5,028 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से केवल 961 को सामान्य के रूप में नामित किया गया है। इसके अलावा 2,337 मतदान केंद्रों को 'संवेदनशील' और 1,730 को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया गया है।