राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि उप मुख्यमंत्री और बागी एनसीपी नेता अजित पवार ने शरद पवार को केंद्रीय मंत्री बनाने की पेशकश की है। अजित पवार का यह बयान दोनों नेताओं की पिछले दिनों हुई 'गुप्त' मीटिंग के बाद आया है। वहीं, भाजपा की ओर से कैबिनेट पद की पेशकश किए जाने पर एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने सफाई दी है।
एमवीए की बढ़ी चिंता
एमवीए की सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने शरद पवार और अजित पवार के बीच बैठकों को परेशान करने वाला बताया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि यह उनकी पार्टी के लिए चिंता का विषय है। एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के साथ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन का हिस्सा है। पुणे में शरद पवार से अजित पवार की मुलाकात के बारे में पटोले ने कहा कि यह हमारे लिए चिंता का विषय है। हमें ऐसी गुप्त बैठकें स्वीकार नहीं हैं। उन्होंने कहा, हालांकि इस मामले पर कांग्रेस के शीर्ष नेता चर्चा करेंगे। विपक्षी गुट I.N.D.I.A भी इस पर चर्चा करेगा, इसलिए मेरे लिए इस पर आगे चर्चा करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हर उस व्यक्ति से हाथ मिलाने का फैसला किया है, जो भाजपा से लड़ने को तैयार है। साथ ही उन्होंने इन अटकलों को भी खारिज किया कि कांग्रेस शरद पवार को साथ लिए बिना लोकसभा चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है।
शरद पवार ने कही यह बात
इस बीच, मंगलवार को अपने गृहनगर बारामती में बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि पार्टी में कुछ लोगों ने अलग रास्ता अपनाया है, लेकिन एक बार उन्हें स्थिति का अहसास हो जाएगा, तो उनका रुख बदल सकता है। उन्होंने एक सभा में कहा कि चाहे वे अपना रुख बदलें या न बदलें, हम अपने रास्ते से नहीं हटेंगे। पवार ने कहा, मैंने महाराष्ट्र के मतदाताओं से किसी को वोट देने के लिए कहा है। अब, मैं उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को वोट देने के लिए नहीं कह सकता जिसका हमने हमेशा विरोध किया है।