सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू न करने के विरोध में देशभर के विश्वविद्यालयों के शिक्षक 22 अगस्त तो काला दिवस मानएंगे। साथ ही वे 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर गिरफ्तारी देंगे। खास बात यह है कि 22 अगस्त को विश्वविद्यालय कैंपस में विरोध प्रदर्शन व धरने के साथ ही शिक्षक कक्षाओं को बहिष्कार करेंगे।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव अरुण कुमार के मुताबिक, केंद्र सरकार के समक्ष कई बार सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और छठें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने की मांग रखी गई, लेकिन अब तक इस मामले में कुछ भी नहीं हुआ है।
यूजीसी की कमेटी ने बहुत पहले सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सौंप चुकी है। इसीलिए अब विरोध जताने का फैसला किया गया है। इसके तहत 22 अगस्त को देशभर के सभी विश्वविद्यालयों के कैंपस में काला दिवस मनाया जाएगा।
इस दौरान विरोध प्रदर्शन, धरना और कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा। इसके अलावा शिक्षक दिवस के मौके पर 5 सितंबर को गिरफ्तारी दी जाएगी। इस संबंध में देशभर के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है।