भारत और चीन के बीच बढ़ता तनाव दोनों के बीच सीधे टकराव में तब्दील हो सकता है लेकिन इससे अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक सहयोग को और रफ्तार मिल सकती है। अमेरिकी संसद की एक रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है।
दोकलम में चीन-सीमा तनाव शीर्षक वाली कांग्रेसनल रिसर्च रिपोर्ट (सीआरएस) में कहा गया है कि भारत और चीन का गहराता संघर्ष, खुला टकराव बन सकता है। लेकिन ये हालात अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक सहयोग को और गहरा करेंगे, जिसका चीन पर असर हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और चीन के बीच मौजूदा तनाव दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता के नए स्तर पहुंचने के संकेत है। यह प्रतिद्वंद्विता न सिर्फ दोनों देशों के बीच 2,167 मील लंबी विवादास्पद सीमा पर दिख रही है बल्कि यह पूरे दक्षिण एशिया और हिंद महासागर को भी अपनी चपेट में ले लेगी।
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस अमेरिकी संसद की स्वतंत्र रिसर्च विंग है, जो अमेरिकी सांसदों की दिलचस्पी के विषयों पर रिपोर्ट और पॉलिसी पेपर तैयार करती है ताकि वे इस जानकारी के आधार पर फैसले ले सकें। इसे अमेरिकी संसद का आधिकारिक विचार नहीं माना जाता।
गार्जियन ड्रोन सौदे से मजबूत होंगे भारत-अमेरिकी रिश्ते
वाशिंगटन। अमेरिका की ओर से भारत को 22 सी गार्जियन ड्रोन बेचे जाने से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। इस सौदे की कीमत 2 अरब डॉलर है और इससे अमेरिका में 2000 नौकरियां पैदा होंगी।
इस सौदे से जुड़े अधिकारी विवेक लाल ने यह जानकारी दी। भारत को सी गार्जियन ड्रोन बेेचने की घोषणा ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जून में भारत के पीएम नरेंद्र मोदी से अपनी पहली मुलाकात में दी थी। जनरल एटोमिक्स की ओर से बनाए जा रहे ये ड्रोन, नाटो से बाहर के किसी देश को पहली बार बेचे जा रहे हैं।