फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Omicron: क्या कोरोना के नए वैरिएंट पर प्रभावी होंगी मौजूदा वैक्सीन? आईसीएमआर के डॉ. समीरन पांडा ने कही बड़ी बात

Sat, 27 Nov 2021 06:47 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डॉ. समीरन पांडा कहते हैं कि संक्रमण का प्रकार, इसकी उचित निगरानी के साथ-साथ टीके किस तरह की प्रतिरक्षा पैदा करते हैं, इसके बारे में कुछ समय बाद ही पता चलेगा।
विज्ञापन
डॉ. समीरन पांडा - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने दुनियाभर में नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब तक बनी कोरोना वैक्सीन इस पर प्रभावी होगी या नहीं। इसे लेकर विशेषज्ञ भी कुछ भी साफ-साफ कह पाने की स्थिति में नहीं हैं। बहरहाल, इसे डेल्टा वायरस से भी अधिक घातक बताया जा रहा है और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। 

विज्ञापन


इस हालात में टीके नहीं होंगे प्रभावी
आईसीएमआर के महामारी विज्ञान और संचारी रोग प्रभाग प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने कहा कि अभी विभिन्न प्रकार के टीके हैं। कुछ वायरस के स्पाइक प्रोटीन की ओर निर्देशित होते हैं जो रिसेप्टर से जुड़ जाते हैं। इसलिए, अगर वहां बदलाव होते हैं तो टीके प्रभावी नहीं होंगे। 

एमआरएनए टीके स्पाइक प्रोटीन और रिसेप्टर इंटरैक्शन की ओर निर्देशित होते हैं, इसलिए एमआरएनए टीकों को पहले से देखे गए इस बदलाव के आसपास ही सक्रिय रहना होता है। लेकिन सभी टीके एक जैसे नहीं होते, कोविशील्ड-कोवाक्सीन हमारे सिस्टम के लिए एक अलग एंटीजन तरीके इम्युनिटी उत्पन्न करते हैं। 
विज्ञापन


टीके कितने प्रभावी, कुछ समय बाद पता चलेगा 
क्या नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खिलाफ मौजूदा टीके प्रभावी होंगे, इस पर डॉ. पांडा कहते हैं कि संक्रमण का प्रकार, इसकी उचित निगरानी के साथ-साथ टीके किस तरह की प्रतिरक्षा पैदा करते हैं, इसके बारे में समय आने पर ही पता चलेगा। नई रिपोर्ट में कहा गया है कि संरचनात्मक बदलाव देखे गए हैं जो सेल, सेलुलर रिसेप्टर्स के साथ प्रसारित होने की संभावना का 
संकेत देते हैं। 
 
उन्होंने कहा, लेकिन क्या यह वास्तव में तेजी से प्रसारित हो रहा है या संक्रमण के समूहों का कारण बन रहा है, यह बताने में अभी थोड़ा समय लगेगा। हम अलग-अलग तरह के सबूतों जैसे कि प्रयोगशाला आधारित अवलोकन, जनसंख्या आधारित अध्ययन आदि के बारे में बात कर रहे हैं।  

डब्ल्यूएचओ ने इसकी जांच की और हमें यह पता लगाने के लिए कुछ और समय इंतजार करने की जरूरत है कि क्या संक्रमण बढ़ रहे हैं या बीमारी गंभीर रूप ले रही है या अत्यधिक मौतें हो रही हैं। इन सब को ध्यान में रखते हुए डब्ल्यूएचओ ने इसे चिंताजनक वैरिएंट बताया है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें