कोरोना वायरस महामारी का संकट एक बार फिर दुनिया के सामने मंडराने लगा है। इसका नया वैरिएंट ओमिक्रॉन सामने आने के साथ दुनियाभर के कई देशों में इससे संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। भारत में दूसरी जानलेवा लहर का कारण बनने वाले कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से भी इसे खतरनाक माना जा रहा है। हालांकि, इस वैरिएंट के बारे में वैज्ञानिक अभी तक कुछ स्पष्ट कह पाने की स्थिति में नहीं हैं। इस वैरिएंट में लगभग 32 म्यूटेशन देखे गए हैं। इससे पहले सबसे ज्यादा म्यूटेशन लैम्डा वैरिएंट में मिले थे, जिनकी संख्या सात थी।
ओमिक्रॉन वैरिएंट यानी बी.1.1.529 सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था। इसके बाद से यह दुनियाभर के कई देशों में पहुंच चुका है। भारत में भी इसके दो मामले सामने आ चुके हैं। अभी तक इससे संक्रमण के लक्षणों के बारे में भी कुछ विशेष जानकारी सामने नहीं आ पाई है। वैज्ञानिकों को इन सवालों के जवाब ढूंढने में अभी कुछ सप्ताह लगने के आसार हैं। हालांकि, जहां-जहां कोरोना वायरस का यह वैरिएंट पहुंच चुका है वहां पर सामने आए मरीजों को देखते हुए इसके कुछ लक्षण और विशेषताएं निर्धारित की जा सकती हैं।