जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कॉफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'भाजपा-पीडीपी सरकार ने बहुत बड़े वादे किए थे और आज खुद दावा करते हैं कि वे असफल हो गए, जैसे ही सरकार गिर गई, मंत्रियों को गठबंधन में असमानताएं दिखाई देने लगीं। महबूबा मुफ्ती पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ किया करती थीं लेकिन अब वह कह रही हैं कि मोदी जी 56 इंच की छाती से एक इंच जम्मू-कश्मीर को दे दो।'
इससे पहले शनिवार को
अब्दुल्ला ने भाजपा पर भविष्य में राज्य में सरकार बनाने के लिए खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने ट्विटर पर एक स्थानीय अखबार की रिपोर्ट साझा की थी जिसमें लिखा था कि पीडीपी के विधायक भाजपा कमांड के संपर्क में हैं। राज्य में 2019 के आम चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाने की कोशिश की जा रही है।
अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा बाबरी मस्जिद, राम मंदिर, अनुच्छेद 370, 35 ए जैसे संवेदनशील मुद्दों का चुनावों के दौरान वोट बैंक के लिए इस्तेमाल करती रही है। केंद्र की सत्ता में
नरेंद्र मोदी की सरकार को चार साल हो गए हैं, लेकिन ऐसे किसी भी मुद्दे का हल क्यों नहीं निकाला गया। बदकिस्मती से भाजपा अवाम के जज्बात से खेलती आई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य में वर्ष 2014 से सत्ता में रही भाजपा-पीडीपी की गठबंधन सरकार भ्रष्टाचार, कुशासन और घोटाले करने में सफल रही है। इस सरकार के कार्यकाल में हुए कई फैसलों पर दोबारा सोचने की जरूरत है। इसके लिए नेकां ने राज्यपाल से गुजारिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि झेलम की साफ सफाई और उसे दुरुस्त करने के लिए आई धनराशि का सही प्रयोग नहीं किया गया, जिसकी जांच करवाई जाए।
भाजपा द्वारा पीडीपी को तोड़े जाने का दावा करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, 'राम माधव के दावों के विपरीत राज्य की भाजपा ईकाई इस बात को स्वीकार करती है कि वह पीडीपी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। ऐसा लगता है कि किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना इनकी विचारधारा है।' हालांकि अब्दुल्ला के दावे को राम माधव ने झूठ बताया था और कहा था कि हम राष्ट्रपति शासन जारी रखने के समर्थक हैं।