लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि महिलाएं नेतृत्व और नई सोच के साथ 'विकसित भारत' के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं। महिला सशक्तिकरण समिति के सम्मेलन में उन्होंने संविधान सभा की 15 महिला सदस्यों के योगदान को भी याद किया। साथ ही कहा कि भारत ने शुरुआत से ही महिलाओं को वोट, समानता और न्याय का अधिकार दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को कहा कि देश की महिलाएं अपने नेतृत्व और दृष्टिकोण से 'विकसित भारत' के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह बात संसद और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिला सशक्तिकरण समिति के राष्ट्रीय सम्मेलन में कही। इस दौरान ओम बिरला ने कहा कि महिलाएं आज देश के विकास में नई सोच के साथ योगदान दे रही हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत कर रही हैं।
क्या है 'विकसित भारत 2047?
बता दें कि केंद्र सरकार के अनुसार, 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित देश बनाना है। इसमें आर्थिक समृद्धि, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय संतुलन और अच्छी शासन व्यवस्था को शामिल किया गया है। इसके तहत सरकार ने युवाओं के सुझाव के लिए एक पहल की भी शुरुआत की है। सरकार ने MyGov.in पर 'विकसित भारत 2047 के लिए सुझाव' नाम से एक वेबपेज लॉन्च किया है, जहां युवा अपनी रचनात्मक राय दे सकते हैं।
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विकास का अगला अध्याय लिखेंगी महिलाएं- बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत के विकास की अगली कहानी सशक्त महिलाओं द्वारा लिखी जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को शासन में उनका वास्तविक हक देता है और नई पीढ़ी की महिला नेताओं को तैयार करेगा। बिरला तिरुपति में महिला सशक्तिकरण पर संसदीय और विधायी समितियों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे।
बिरला ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जो नए संसद भवन में पारित पहला विधेयक था, महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत तभी विकसित राष्ट्र बन सकता है जब उसकी बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर हों।