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संसद: सांसदों ने सेल्फी और ग्रुप फोटो के जरिये मोबाइल में कैद की संसद की यादे, कुछ इस तरह बिताया आखिरी दिन

सार

नए संसद भवन में जाने से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान को याद कर भावुक हो गए।
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Parliament - फोटो : Social Media
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विस्तार
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संसद के 18 सितंबर से शुरू होने वाले पांच दिन के विशेष सत्र की शुरुआत पुराने संसद भवन से हो गई है। मंगलवार को गणेश चतुर्थी से अब सत्र की शुरुआत नई संसद भवन से होने जा रही है। सत्र के पहले दिन जहां पीएम मोदी ने पुराने भवन के बारे में तमाम यादों को ताजा किया। इसी बीच लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने पुराने संसद भवन को लेकर अपनी भवनाएं जाहिर की।
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विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा में सांसद कार्यवाही शुरू होने से काफी पहले पहुंच गए थे। सांसद सदन के बाहर भी एक दूसरे के साथ फोटो लेते दिखे। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी सदन के अंदर सेल्फी लेते और साथी सांसदों के साथ ग्रुप फोटो लेते दिखे। कई सांसदों ने कहा कि, उनका इतना वक्त इस सदन में और संसद भवन में बीता है और इससे कई यादें जुड़ी हैं तो यह पल काफी भावुक है।

राज्यसभा में भी सदन के अंदर से लेकर सदन के बाहर तक सांसद सेल्फी लेते और साथियों के साथ ग्रुप पिक्चर लेते दिखे। जहां पिछले सत्र में संसद टीवी का कैमरा ज्यादातर सत्ता पक्ष की बैंच तक ही सीमित रहा वहीं आखिरी दिन संसद टीवी में कार्यवाही के दौरान दोनों सदन का हर कोना दिखाया। लोकसभा में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोल रहे थे और सदन के इतिहास का जिक्र कर रहे थे तो कैमरे मीडिया गैलरी से लेकर विजिटर्स गैलरी तक हर एक कोने को देशवासियों तक पहुंचा रहे थे।
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मेरे पिता हाथ पकड़कर लाए थे संसद
नए संसद भवन में जाने से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अपने पिता रामविलास पासवान को याद कर भावुक हो गए। पुरानी संसद भवन से नई संसद भवन में जाने को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि, मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं इतिहास और भविष्य के बीच की कड़ी बन पा रहा हूं। ये मेरे लिए बहुत ही भावुक क्षण है क्योंकि पहली बार मेरे पिता ही मेरा हाथ पकड़कर यहां लाए थे।  उन्हीं के साथ मैंने सदन के तौर-तरीके सीखे। आज वो इस दुनिया में नहीं है। और हम लोग एक नए संसद में जा रहे हैं तो उनका इस दुनिया में नहीं होना यकीनन खलता है।



भारतीय शास्त्रीय नर्तक और राज्यसभा सांसद सोनल मानसिंह ने कहा कि, गणेश चतुर्थी के मौके पर हम नई संसद भवन में प्रवेश करने जा रहे है। पुराना भवन से बहुत लगाव हैं। वह हमारा दूसरा घर है। इससे कई सुनहरी यादे जुड़ी है। लेकिन बीते हुए कल का सम्मान करते हुए हमें सुनहरे भविष्य की तरफ बढ़ना है।

केंद्र सरकार में शिक्षा राज्यमंत्री और झारखंड से सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि, यह मेरा सौभाग्य है कि मैं पहली बार लोकसभा सदस्य बनी। जिसे देश के संसद भवन की यात्रा संधि स्थल के रुप में याद किया जाएगा। इसके पीछे गौरवशाली ओर प्रेरक अतीत है औैर सामने संभावनाओं से भरा उज्जवल भविष्य।
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